दशरथ महल में सजी फूल बंगला झांकी...... झांकी के अवसर पर मौजूद महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य व अन्य
अयोध्या। रामनगरी की आध्यात्मिक धड़कनों के बीच शनिवार की रात दशरथ महल मानो पुष्पों की दिव्य आभा से आलोकित हो उठा। बिंदु संप्रदाय की प्रधान पीठ में आयोजित फूल बंगला महोत्सव ने श्रद्धा, संगीत और सौंदर्य का ऐसा संगम रचा कि देर रात तक संत और श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे।
करीब 10 क्विंटल विविध रंगों और सुगंधों वाले फूलों से सजी धनुषधारी भगवान की मनोहारी झांकी ने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। फूलों की कोमल छटा के बीच सुसज्जित युगल सरकार का अलौकिक स्वरूप ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो स्वयं त्रेतायुग की दिव्यता धरती पर उतर आई हो। श्रद्धालु झांकी के दर्शन कर निहाल होते रहे और पूरा परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान रहा।
बिंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य की अध्यक्षता में रात्रि लगभग आठ बजे महाआरती के साथ महोत्सव का आरंभ हुआ। जैसे-जैसे रात गहराती गई, वैसे-वैसे भक्ति का रंग और प्रगाढ़ होता चला गया। फूल बंगला में सोहै युगल रसिया…, फूलन में सज-धज कर युगल सरकार बैठे हैं…और फूलों में सज रहे हैं श्री वृंदावन बिहारी… जैसे सुमधुर भजनों ने वातावरण को रस और माधुर्य से सराबोर कर दिया।
प्रसिद्ध मृदंगाचार्य पंडित विजय रामदास, राम किशोर दास, एमबी दास और रामनंदन दास की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। समारोह में अर्जुनदेवाचार्य कृपालु रामभूषण दास ने कलाकारों को सम्मानित कर उनकी साधना को प्रणाम किया। इस आध्यात्मिक उत्सव में महंत कमल नयन दास, जगद्गुरु राम दिनेशाचार्य, महंत अवधेश दास, महंत जन्मेजय शरण, महंत शशिकांत दास, महंत गिरीश पति त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में संतों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को और बढ़ा दिया।