अयोध्या। नगर निगम जब अपने नए बहुमंजिली भवन में शिफ्ट होगा, तब पुराने दफ्तर को महापौर के सचिवालय का स्वरूप दे दिया जाएगा। यहां पर सभी वार्डों के पार्षदों के बैठने के लिए कक्ष की व्यवस्था की जाएगी। निगम बोर्ड की बैठकों के लिए यहां के सभागार का उपयोग किया जाएगा। इसी तरह टाउन हॉल विकसित कर अन्य कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
नगर निगम का दफ्तर इस समय सिविल लाइन में पुराने समय के एक आलीशान भवन में संचालित हो रहा है। यहीं पर नगर आयुक्त और महापौर समेत नगर निगम के सभी वरिष्ठ अधिकारियों के अलग-अलग कक्ष हैं। नगर निगम के विभिन्न विभागों के कार्यालय भी यहीं पर हैं। बड़ी संख्या में इनमें कर्मचारी और अधिकारी बैठते हैं। अब अगले साल के जून तक इन सभी अधिकारियों के कक्ष और विभागों के दफ्तर नए भवन में चले जाएंगे। इसके बाद पुराना भवन खाली हो जाएगा।
नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने अभी से इस पुराने भवन के सदुपयोग की कार्ययोजना तैयार कर ली है। इसी के अनुरूप सुंदरीकरण करवाते हुए इसे बहुउपयोगी बनाए जाने की तैयारी है। यहां पर निर्माण विभाग के मौजूदा कार्यालय को भविष्य में जोनल ऑफिस बना दिया जाएगा। शहर के नागरिकों के कई जरूरी काम पहले की तरह यहां से होते रहेंगे। साथ ही टाउन हॉल का रूप देते हुए इनडोर गेम के साथ लोगों के बैठने के लिए भी प्रबंध किए जाएंगे। पुराने स्वरूप को बरकरार रखते हुए कई नए काम कराए जाएंगे।