अयोध्या। जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन हुआ। इस दौरान सभी केंद्रों पर पेट और मधुमेह रोगियों की भरमार रही। मौके पर इलाज न होने के कारण 37 मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया है।
रविवार को जिले के 28 प्राथमिक और आठ नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन हुआ। सभी केंद्रों पर इसके लिए 74 डॉक्टर और 213 पैरामेडिकल स्टाफ तैनात किए गए थे। दिन भर चले मेले में 716 रोगियों की जांच और उपचार किया गया। इस दौरान पेट के सर्वाधिक 111 और मधुमेह के 110 रोगी आए। इसके अलावा आंख के 50, बुखार के 97, सांस के 68, चर्म रोग के 105, टीबी के संदिग्ध 32, एनीमिया के 29, उच्च रक्तचाप के 33 सहित अन्य मरीज रहे। शिविरों में 86 महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई। पांच कुपोषित बच्चों को अग्रिम इलाज के पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा गया। 62 लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाया गया।
रानी बाजार प्रतिनिधि के अनुसार विकासखंड मसौधा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कंदैला में डॉ. दिनेश प्रकाश ने 27 मरीजों का इलाज किया। उन्होंने बताया कि मेले में अधिकतर रोगी खांसी, मौसमी बुखार, चर्म रोग और खून की कमी से पीड़ित थे। तीन गर्भवती महिलाओं में खून कम होने के कारण आयरन-सुक्रोज का इंजेक्शन दिया गया। हरी सब्जी व फल खाने की सलाह दी गई। इस दौरान लैब टेक्नीशियन संजय वर्मा, मायावती, रेशमपति आदि मौजूद रहे।
गौराघाट प्रतिनिधि के अनुसार पीएचसी विजयनपुर सजहरा में बिना डॉक्टर के ही आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। फार्मासिस्ट प्रशांत जायसवाल ने रोगियों का इलाज किया। उन्होंने बताया कि डॉक्टर की ड्यूटी सेंटर पर लगने के कारण वह मरीज देख रहे हैं। मेले में 27 मरीजों का इलाज किया गया है। इनमें अधिकांश मरीज बुखार, सर्दी-खांसी और पेट की समस्याओं से पीड़ित थे। इस मौके पर अनूप कुमार, अंजू तिवारी, अमरदीप आदि मौजूद रहे।
मिल्कीपुर प्रतिनिधि के अनुसार आरोग्य मेले में शिवरात्रि का असर दिखा। पीएचसी अमानीगंज पर डॉ. महेंद्र ने 26, बवां पर डॉ. बृजेश ने 18, गद्दोपुर में डॉ. सुमन वर्मा ने 25, खड़भड़िया में डॉ. आलोक सिंह ने 26, शाहगंज में डॉ. अजय कुमार गुप्ता ने 22, सराय धनेठी में डॉ. जीपी मौर्य ने 24 मरीजों का इलाज किया। उनकी बलगम, एनीमिया, हीमोग्लोबिन आदि जांच की गई।
बीकापुर प्रतिनिधि के अनुसार पीएचसी चौरे बाजार में डॉ. मोहम्मद इरशाद ने 35 मरीजों का इलाज किया। पीएचसी कोछा में डाॅ. अंजली गुप्ता, फार्मासिस्ट दुर्गेश पांडेय, प्रदीप गुप्ता आदि ने 24 मरीजों का इलाज किया। दोनों केंद्रों पर मौसमी बीमारियों के अधिकांश मरीज रहे।