अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शनिवार को बैठक हुई। इसमें श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चारों द्वारों के नाम पर सहमति बन गई। रामपथ पर बिड़ला धर्मशाला के सामने वाले वर्तमान जन्मभूमि द्वार समेत क्षीरेश्वर महादेव के सामने और उसके आगे निर्माणाधीन द्वार के साथ रामकोट मोहल्ले में राम जन्मभूमि के उत्तरी द्वार का नाम तय कर लिया गया है। इनमें अधिकांश द्वार अभी निर्माण की प्रक्रिया में हैं। 11 नंबर का द्वार 15 अगस्त तक पूरा हो जाएगा।
मणिराम दास छावनी में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पत्रकारों को बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में जानकारी दी। बताया कि बिड़ला धर्मशाला के सामने मुख्य प्रवेश द्वारा जगद्गुरु रामानंदाचार्य के नाम पर होगा। गेट नंबर तीन जगद्गुरु मध्वाचार्य द्वार, गेट नंबर 11 जगद्गुरु शंकराचार्य द्वार, राम मंदिर के उत्तरी दिशा का द्वार जगद्गुरु रामानुजाचार्य द्वार के रूप में विकसित होगा। अन्य भवनों के नाम अभी विचाराधीन हैं।
ट्रस्ट महासचिव ने यह भी बताया कि नवंबर माह में राम जन्मभूमि के मंदिरों पर ध्वजारोहण किया जाएगा। सप्त मंडप पूर्ण हो गए हैं। ऋषियों समेत निषादराज, शबरी, अहिल्या माता की मूर्तियां स्थापित हो गई हैं। प्रथम तल पर श्रीराम दरबार की सीढ़ियों पर रेलिंग और लिफ्ट का काम पूरा होने पर ही श्रद्धालुओं के लिए दर्शन प्रारंभ हो पाएगा। इसके अलावा लगभग चार किमी की दीवार, ऑडिटोरियम, तीर्थ क्षेत्र कार्यालय का निर्माण भी होना है। इसमें वर्ष भर का समय लग सकता है। पत्रकार वार्ता के दौरान डॉ़ अनिल मिश्र, गोपाल राव, शरद शर्मा, वीरेंद्र सहित अन्य मौजूद रहे।
महासचिव ने कहा कि बैठक में उपस्थिति शत-प्रतिशत थी। 11 ट्रस्टी अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, जगद्गुरु वासुदेवानंद सरस्वती, जगद्गुरु विश्वप्रसन्न तीर्थ, युग पुरुष परमांनद, डॉ़ अनिल मिश्र, महंत दिनेंद्र दास उपस्थित थे और तीन ट्रस्टी प्रदेश के गृह सचिव संजय प्रसाद, प्रख्यात अधिवक्ता केशव पाराशरण व सदस्य विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र अलग अलग कारणों से ऑनलाइन सम्मिलित हुए। एक ट्रस्टी का पद अभी रिक्त है।