अयोध्या। राममंदिर के प्रथम तल का काम लगभग पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे तल के पत्थरों को जोड़ने का काम चल रहा है। राममंदिर के भूतल की तर्ज पर अब प्रथम व द्वितीय तल के दरवाजों को भी स्वर्ण जड़ित किए जाने की तैयारी है। प्रथम व द्वितीय तल में 12-12 दरवाजे लगेंगे। इनका निर्माण महाराष्ट्र की सागौन की लकड़ियों से किया जा रहा है। सितंबर तक दोनों तल के दरवाजे बनकर तैयार हो जाएंगे।
ट्रस्ट के सूत्रों ने बताया कि दिल्ली स्थित एक ज्वलेर्स की ओर से मंदिर के प्रथम व दूसरे तल के दरवाजों को स्वर्ण जड़ित किए जाएगा। राममंदिर के भूतल में 18 दरवाजे लगाए हैं। इनमें से गर्भगृह के दरवाजों को स्वर्ण जड़ित किया गया है। उसी तरह प्रथम तल पर विराजित होने वाले राजा राम के गर्भगृह का दरवाजा भी स्वर्ण जड़ित किए जाने की तैयारी है। प्रथम व दूसरे तल के दरवाजे तीन अलग-अलग डिजाइन के होंगे। इन दरवाजों का निर्माण हैदराबाद की एक एजेंसी के कारीगर कर रहे हैं। 20 कारीगर दरवाजों के निर्माण व डिजाइनिंग के काम में जुटे हैं। रामसेवकपुरम में इनका निर्माण चल रहा है। यहां कारीगरों के अलावा किसी अन्य को जाने की अनुमति नहीं होती है।