अयोध्या। लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता बृहस्पतिवार की शाम खत्म हो गई। अब जिले में विकास कार्यों को फिर से गति देने की तैयारी है। चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग के दूसरे चरण के लिए जल्द ही टेंडर होगा। इसके अलावा विभिन्न विभागों की ओर से कई अन्य जनोपयोगी प्रोजेक्टों के डीपीआर तैयार किए जा रहे हैं।
वैसे तो आचार संहिता प्रभावी रहने के दौरान भी जो काम पहले से स्वीकृत होकर टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर चुके थे, वे चलते रहे। अब वो काम भी शुरू होंगे, जिनके प्रस्ताव तो तैयार थे, लेकिन स्वीकृति के साथ टेंडर की प्रक्रिया होना अभी बाकी थी। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अब इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने बताया कि जिन प्रोजेक्टों को अगले चरण में विस्तार दिया जाना है या फिर जो नए काम शुरू होने हैं, उनके प्रस्ताव तैयार करके टेंडर निकाले जाएंगे।
तीर्थ विकास परिषद व नगर निगम देगा कई नई सौगातें
श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद और नगर निगम आने वाले समय में विकास की कई नई सौगातें देगा। इसके लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। इसमें कई विभागों की ओर से कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी व नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने बताया कि सरयू के आरती घाट पर वाटर स्क्रीन लगवाई जाएगी। रामपथ और धर्मपथ पर श्रद्धालुओं के लिए शेड का निर्माण होगा, जो कुंड पहले की कार्ययोजना में छूट गए हैं, उनका भी जीर्णोद्धार कराया जाएगा। एयरपोर्ट व रेलवे स्टेशन के साथ अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर ऐसे साइनेज लगवाए जाएंगे।
विकास प्राधिकरण शासन को भेजेगा प्रस्ताव, खाका तैयार
अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से शासन को कई कार्यों का प्रस्ताव भेजा जाना है। इनके डीपीआर तैयार हो रहे हैं। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अश्विनी पांडेय ने बताया कि पंचकोसी और चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग के साथ रेलवे स्टेशन और नाका रोड पर फसाड विकसित किए जाने का काम किया जाना है। सुरवारी झील का जीर्णोद्धार कराते हुए सुंदरीकरण किया जाएगा। समदा झील पर इको विलेज विकसित करने की तैयारी है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद ये सभी काम शुरू कराए जाएंगे।
सीवर और पेयजल परियोजनाओं पर खर्च होंगे 558 करोड़
अयोध्याधाम और कैंट में सीवर और पेयजल से जुड़ी परियोजना पर 538 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जल निगम नगरीय के अधिशासी अभियंता आनंद दुबे के अनुसार अमृत योजना के तहत शहर के नए इलाकों में 126 किमी सीवर पाइप लाइन बिछाई जानी है। इस पर 274 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके माध्यम से 27,900 घर सीवर कनेक्शन से जुड़ सकेंगे। चार सीवेज पंपिंग स्टेशन भी बनेंगे। जल निगम के ही एक्सईएन संचय शुक्ल ने बताया कि 264 करोड़ रुपये की लागत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना की जानी है। इसके माध्यम से सरयू का जल पीने योग्य बनाकर नलों से घरों तक पहुंचाया जाएगा।