बेटियों के डूबने की सूचना पर पहुंचे विधायक व एसडीएम।
अमानीगंज। क्षेत्र के डूड़ी गांव में एक साथ दो बेटियों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मेहनत मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले परिवार का बेटियों की मौत से मानो कुछ ही पल में सब कुछ उजड़ गया हो। चहुंओर परिवारीजन दहाड़े मार-मार कर रोते-बिलखते नजर आए।
पिता बबलू को बेटियों की ठंडा पीने की हसरत को पूरी न कर पाने का अलग ही गम है। वह थोड़ी-थोड़ी देर पर इस बात को लेकर फफक पड़ते हैं कहते हैं कि बृहस्पतिवार शाम को ही जब घर आया तो बेटियों ने ठंडा पीने की जिद की थी लेकिन पिलाने के बजाय समझा बुझा दिया था कि नुकसान करेंगा। बिलखते हुए वह कहते हैं कि छोटी बेटी सुनैना घर आते ही मोबाइल छीन लेती थी। पिता की करूण क्रंदन को देखकर भीड़ में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आई। मृतक नैना गांव की प्राथमिक विद्यालय में कक्षा दो में तथा सुनैना आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ने के लिए जाया करती थी। बबलू का बड़ा परिवार है वह स्वयं में छह भाई हैं तथा उनके पांच बेटियां और एक बेटा था। आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार हंसता खेलता परिवार था। बबलू और उनकी पत्नी दोनों मेहनत मजदूरी से अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। परिवार प्रधानमंत्री आवास में गुजर बसर करता है जोत के नाम पर डेढ़ बीघें जमीन है।
विधायक व एसडीएम ने आर्थिक मदद का दिया आश्वासन
पीड़ित के घर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक चंद्रभानु पासवान और एसडीएम सुधीर कुमार ने पीड़ित परिवार को आपदा कोष से आर्थिक सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया है। एसडीएम ने कहा कि 24 घंटे के भीतर पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता पहुंचा दी जाएगी। साथ ही उन्होंने उक्त तालाब की बैरिकेटिंग कराए जाने के लिए भी ग्राम प्रधान व अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान भारी संख्या में मौजूद रहे।