02- सर्किट हाउस से राम मंदिर के लिए रवाना हाते नृपेंद्र मिश्र- संवाद
अयोध्या। राम मंदिर निर्माण समिति की दूसरे दिन की बैठक राम जन्मभूमि परिसर में हुई। बैठक में जाने से पहले निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कई अहम जानकारियां मीडिया से साझा की। उन्होंने बताया कि राम मंदिर निर्माण पर 1900 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अब तक 1600 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। बताया कि 30 अप्रैल तक राम मंदिर से जुड़े सभी निर्माण कार्य पूरे होंगे।
निर्माण पूरा होने के बाद एलएंडटी और टाटा कंसलटेंसी साइट से हटेंगी। 30 अप्रैल तक सभी दस्तावेज और बिल भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। एलएंडटी और टाटा कंसलटेंसी ने तीन वर्ष की गारंटी दी है। मरम्मत के लिए दोनों संस्थाओं की छोटी यूनिट मंदिर परिसर में तैनात रहेगी। एलएंडटी, टीसी व राजकीय निर्माण निगम से हुए सभी एग्रीमेंट ट्रस्ट अपने अधीन लेगा। बताया कि परिसर में बन रहे ऑडिटोरियम का कार्य अभी शेष है जो नवंबर तक पूरा होगा। परकोटे के निकट जूता-चप्पल स्टैंड और लॉकर निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया है।
रामनगरी में कैंसर इंस्टीट्यूट को लेकर कहा कि कैंसर संस्थान की डिजाइन बन गई है। संस्थान के लिए पांच से आठ एकड़ जमीन मंदिर ट्रस्ट के दिवंगत सदस्य बिमलेंद्र मिश्र के परिवार को देनी थी, वह अभी नहीं मिल पाई। जमीन का हस्तांतरण तभी होगा जब उनके वारिस के नाम पर जमीन हो जाएगी। एक माह में नामांतरण की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, उसके बाद जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। वहीं 30 बेड के अस्पताल के लिए एएसआई की संस्तुति मिलनी बाकी है। शनिवार को हुई बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, गोपाल राव, आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा समेत अन्य शामिल रहे।
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मार्च से शुरू होंगे सप्त मंडपम में दर्शन
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि सप्त मंडपम में आम श्रद्धालुओं के दर्शन मार्च से शुरू होने की संभावना है। परकोटे के मंदिरों व सप्त मंदिरों में दर्शन को लेकर अभी सहमति नहीं बन पाई है। इस विषय पर ट्रस्ट और प्रशासन के बीच मंथन जारी है। शनिवार की बैठक में भी इसको लेकर चर्चा की गई। बीच का रास्ता तलाशने का प्रयास हो रहा है। समिति चेयरमैन ने बताया कि उन्होंने ट्रस्ट का पक्ष समझ लिया है। जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ इस पर चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।