अयोध्या। विकास की तेज रफ्तार ने प्रदूषण की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। यदि हमें स्वच्छ वायु, जल, धरती और नीले आकाश की और निहारना है तो हर तरह के प्रदूषण पर काबू पाना होगा। यह तभी संभव है, जब हर नागरिक स्वच्छता के लिए सजग रहे। यह बात महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कही। वह अंतरराष्ट्रीय वायु स्वच्छता दिवस पर साफ सांस परियोजना के समापन समारोह में बोल रहे थे।
शहर के एक होटल में आयोजित कार्यशाला में महापौर ने कहा कि प्रदूषण संबंधी ताजा रिपोर्ट में अयोध्या की वायु गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त की गई है। इसलिए हर किसी को स्वच्छ अयोध्या बनाए रखने के लिए तत्पर रहना होगा। उन्होंने नगर आयुक्त से नगर निगम क्षेत्र में निर्माण कार्य के संबंध में एक गाइडलाइन जारी करने की अपेक्षा की।
महापौर ने कहा कि स्वच्छता के पैमाने पर अयोध्या को 28वें स्थान से टॉप टेन में लाने में जन सहयोग की मुख्य भूमिका होगी। बरसात समापन की ओर है, ऐसे में डेंगू के फैलने का खतरा बढ़ गया है। इसलिए हमें जन जागरूकता के जरिये घरों और उसके आसपास स्वच्छ जल को ठहरने नहीं देना है।
विशिष्ट अतिथि नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने कहा कि स्वच्छ पृथ्वी, हवा और जल के लिए ठोस अपशिष्ट व तरल अपशिष्ट को घरों में ही पृथक करने की जरूरत है। कूड़ा रखने के लिए लोगों को बाल्टी का प्रयोग करने का सुझाव देते हुए कहा कि घरों में निकलने वाले कचरे से खाद बनाएं। उसका प्रयोग गमले में कर हरियाली लाएं। अध्यापकों से स्कूलों में हर सप्ताह कार्यशाला आयोजित कर बच्चों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
इस दौरान स्वच्छता में विशेष योगदान के लिए सरिता वर्मा, विजयलक्ष्मी, कल्पना शर्मा, अनीता द्विवेदी, प्रीति राय, डॉ. दीपिका चंद्रा, उपासना सिंह, नीता शर्मा, ममता श्रीवास्तव, शारदा सोनी, आशा, रूबी रावत, नीलम मध्यान, कुसुम सिंह, नीलम सिंह, अमृतांश त्रिपाठी, एकता भटनागर, राहुल सिंह, दीपक पांडेय, अमरेश मिश्र, स्वप्निल श्रीवास्तव, मनोज श्रीवास्तव व आलोक सिंह राणा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सहायक नगर आयुक्त गुरु प्रसाद पांडेय व आकांक्षा सिंह मौजूद रहीं।