अयोध्या। रामनगरी के पौराणिक अग्नि कुंड और मनिमुनि कुंड की बदरंग सूरत भी अब संवरेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद ने इसका प्रस्ताव तैयार किया है। परिषद की ओर से यूपीपीसीएल को इन दोनों कुंडों के सुंदरीकरण की कार्ययोजना तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अयोध्या धाम के प्रमुख कुंडों में शामिल अग्नि कुंड सीता कुंड वार्ड में स्थित है। जबकि मनिमुनि कुंड मणि पर्वत से पूर्व दिशा में है। परिषद की मंशा है कि सभी प्राचीन कुंडों की स्वच्छता सुनिश्चित करते हुए उनका संरक्षण कर जनोपयोगी बनाया जाए। इसी कड़ी में श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र रहे इन कुंडों को भी अब नया स्वरूप प्रदान किए जाने की दिशा में कदम आगे बढ़ाया गया है।
मौजूदा समय में इन दोनों कुंडों की हालत काफी दयनीय है। कहने को तो ये कुंड हैं लेकिन इनमें एक बूंद पानी नहीं है। दोनों कुंड पूरी तरह से अनुपयोगी हैं। यहां पर गंदगी के साथ झाड़-झंखाड़ की भरमार है। इनकी दुर्दशा देखने के बाद तीर्थ विकास परिषद के सीईओ संतोष शर्मा ने नगर निगम की ओर से पहले चरण में सफाई अभियान शुरू करवा दिया है। यहां पर निगम के सफाई कर्मियों की टीम को लगा दिया गया है।
नगर आयुक्त ने अमर उजाला को बताया कि साफ-सफाई कराने के बाद दूसरे चरण में दोनों कुंडों के जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कुंड में सीढि़यों का निर्माण कराया जाएगा ताकि श्रद्धालु इसके जल स्त्रोत तक पहुंच कर आचमन कर सकें। कुंड के आसपास फूलों और सजावटी पौधों का रोपण कराया जाएगा। यह भी इंतजाम होंगे कि इनमें स्वच्छ जल की हर समय उपलब्धता रहे। किसी भी सूरत में पानी सड़ने न पाए।
इसी कड़ी में कुंड के आसपास पर्यटन जनसुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। इसके लिए लाइटिंग कराई जाएगी। यहां आने वाले पर्यटकों के बैठने के लिए फर्नीचर के साथ पेयजल और टॉयलेट सुविधा की उपलब्धता रहेगी। परिसर के खाली स्थान पर बच्चों के खेलने के लिए पार्क जैसा स्वरूप दिया जाएगा। खेलकूद के उपकरण भी उपलब्ध रहेंगे। साथ ही साइनेज के माध्यम से दोनों कुंडों के पौराणिक और धार्मिक महत्व का उल्लेख भी किया जाएगा।