अयोध्या। बकाया वेतन भुगतान के बहाने घर में ले जाकर दुष्कर्म करने के अपराध की साजिश के सहयोगी नाजिम को जमानत नहीं मिल पाई है। यह आदेश एफटीसी प्रथम प्रदीप कुमार सिंह ने अपराध की गंभीरता और जमानत का पर्याप्त आधार न पाते हुए पारित किया है।
असम प्रांत के थाना हौली क्षेत्र निवासी नाजीमुल हक उर्फ नाजिम ने अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया और अपने को बेकसूर बताया। तर्क दिया कि घटना की रिपोर्ट विलंब से दर्ज कराई गई है। बिना किसी अपराध के वह जेल में निरुद्ध है। एडीजीसी फौजदारी ने तर्क दिया कि बाराबंकी निवासिनी पीड़िता अपने पति के साथ नगर निगम में सफाई कर्मी का कार्य करती है।
उसकी ड्यूटी सुपरवाइजर सलमान के साथ लता चौक पर लगी थी। कई महीने का बकाया वेतन सुपरवाइजर सलमान से मांगा गया तो सात फरवरी को रेखा नामक महिला वेतन दिलाने का झांसा देकर सलमान के पास ले गई। सलमान उसे लेकर नाजिम के कमरे में गया, जहां उसने बाहर से दरवाजा बंद कर लिया और सलमान ने उससे दुष्कर्म किया।
निर्वस्त्र अवस्था का वीडियो व फोटो भी बना लिया और कहीं शिकायत करने पर वायरल करने की धमकी दी। महिला के पति ने सलमान से पूछा तो उसने अपनी बीबी के साथ मिलकर 14 फरवरी को महिला का धर्म परिवर्तन कर निकाह करने का दबाव बनाया। कोतवाली अयोध्या में सलमान, उसकी पत्नी रेखा व नाजिम के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई।