बीकापुर। कोतवाली क्षेत्र के बेनीपुर खिदिरपुर में 14 अप्रैल की आधीरात अंबेडकर जयंती के दिन हुई आगजनी के मामले में पुलिस प्रशासन अभी भी सतर्कता बरत रहा है। इस घटना में दलित बस्ती के तीन परिवारों के आवासीय छप्पर और घर का सामान जल गया था, जिसके बाद दो वर्गों में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। पुलिस ने गांव के 11 लोगों के विरुद्ध आगजनी और दलित एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। अग्नि पीड़ित मनीराम ने दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया है कि आंबेडकर जयंती समारोह के बाद रात करीब एक बजे उनके छप्पर में आग लग गई।
आरोप है कि आठ से 10 लोग आग लगाकर भाग रहे थे। एफआईआर में शेषमणि तिवारी, करुणा शंकर तिवारी, विजय शंकर तिवारी, मुन्ना तिवारी, रोहित तिवारी उर्फ अनूप तिवारी, परमानंद तिवारी उर्फ प्रशांत तिवारी, दयानंद तिवारी, हरिशंकर, विनीत तिवारी सहित एक अज्ञात व्यक्ति को नामजद किया गया है। घटना का कारण भूमि विवाद और पुरानी रंजिश बताया जा रहा है, जिस पर एसडीएम न्यायालय में भी एक मामला विचाराधीन है।
प्रभारी निरीक्षक अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि जांच और साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर गांव में पुलिस और पीएसी तैनात है। एफआईआर पर उठ रहे सवाल आगजनी और एफआईआर को लेकर गांव में चर्चा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आधी रात को अंधेरे में आरोपियों की पहचान कैसे हुई। एफआईआर में कई बुजुर्गों के नाम भी शामिल हैं, जिनकी संलिप्तता पर भी संदेह व्यक्त किया जा रहा है। इन बिंदुओं को जांच का विषय बताया जा रहा है।