अयोध्या। राममंदिर निर्माण समिति की बैठक बुधवार को शुरू हुई। इसमें शामिल होने के लिए समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र दोपहर पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने हनुमंतलला के दरबार में हाजिरी लगाई। इसके बाद रामजन्मभूमि परिसर पहुंचे और निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मंदिर निर्माण का कार्य निर्धारित समय सीमा से एक माह पीछे चल रहा है।
उन्होंने कहा कि दिसंबर 2024 तक मंदिर निर्माण का लक्ष्य रखा गया था लेकिन यह लक्ष्य पूरा होता नहीं दिख रहा है। परकोटा, सप्तमंडपम समेत मंदिर के शिखर का निर्माण कार्य अभी चल रहा है। शिखर का निर्माण फरवरी तक पूरा होगा जबकि सप्तमंडपम का कार्य दिसंबर तक पूरा होने की संभावना है। परकोटा समेत मंदिर के सभी निर्माण कार्य जुलाई 2025 तक पूरे होंगे। उन्होंने कहा कि बैठक में सभी कार्यों की वृहद समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने हनुमानगढ़ी के दर्शन के बाद कहा कि हनुमानगढ़ी में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। हनुमानगढ़ी के चौड़ीकरण के लिए यहां के संतों से निवेदन किया गया था, संतों ने इसे स्वीकार किया, सुविधाएं बढ़ाईं। अब हनुमानगढ़ी आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे पहले नृपेंद्र मिश्र ने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति भी देखी।
ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि दीपावली की छुट्टी में घर गए मजदूर धीरे-धीरे वापस हो रहे हैं। छठ पूजा के लिए भी मजदूर घर गए हैं। छठ पूजा समाप्त होने के बाद ही सभी मजदूरों की वापसी संभव हो पाएगी। इसके बाद एक बार फिर से मंदिर निर्माण का काम गति पकड़ेगा। बैठक में राममंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ़ अनिल मिश्र, निर्माण प्रभारी गोपाल राव, मंदिर के आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा सहित कार्यदायी संस्था के इंजीनियर मौजूद रहे।