अयोध्या। प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित और समर्थ राज्य बनाने की यात्रा में शिक्षक, छात्र और बुद्धिजीवी भी सहभागी बनेंगे। इसके लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थियों से भी सुझाव मांगे गए हैं। समर्थ पोर्टल के माध्यम से सुझाव और विचार साझा किए जा सकेंगे।
इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनय सिंह ने सभी संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, निदेशक और समन्वयकों को पत्र जारी किया है। इसमें विचार और सुझाव साझा करवाने के लिए समर्थ पोर्टल का लिंक भी उपलब्ध कराया गया है। इस लिंक को क्लिक कर विश्वविद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए अपने सुझाव देंगे। विभागाध्यक्षों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने विभाग के सभी शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित कराएंगे।
इस बारे में कुलसचिव ने बताया कि प्रदेश सरकार 2047 तक यूपी को विकसित राज्य बनाने का रोडमैप तैयार कर रही है। इसके माध्यम से राज्य को आर्थिक और सामाजिक रूप से विकसित करना है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को छह ट्रिलियन डालर तक पहुंचाना है। प्रति व्यक्ति राष्ट्रीय औसत आय को भी बढ़ाना है। इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य व समावेशी विकास के साथ सामाकि कल्याण को प्राथमिकता दी जानी है। राष्ट्रीय जीडीपी में प्रदेश के योगदान को 9.3 से 16 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
इन बिंदुओं के साथ ही सांस्कृतिक पुनर्जागरण के लिए पर्यटन, पौराणिक व सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए सभी को सुझाव देना है। औद्योगिक क्षेत्र में एआई, बायोटेक, ग्रीन एनर्जी और एग्रोटेक जैसे भविष्य के उद्योगों पर ध्यान देने के संबंध में भी विचार साझा किए जाने हैं। हाईवे, एयरपोर्ट और स्मार्ट सिटी के निर्माण में निवेश को कैसे बढ़ाया जा सकता है, यह भी बताना होगा। सभी की भागीदारी से इस रायशुमारी के माध्यम से सरकार आगामी नीतियां तय करेगी।