अयोध्या। स्टेट जीएसटी की समाधान योजना (कंपोजीशन स्कीम) के तहत 6,626 व्यापारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। इन्होंने पिछले त्रैमासिक में जीएसटी रिटर्न शून्य फाइल किया है। विभाग इनसे संपर्क साध रहा है। सुधार न होने पर पंजीयन निरस्त करने की तैयारी की जा रही है।
राज्य कर विभाग ने छोटे कारोबारियों को राहत देने के मकसद से समाधान योजना शुरू की थी। इसके तहत कारोबारियों को डेढ़ करोड़ रुपये तक का टर्नओवर होने पर 1% टैक्स ही जमा करना होता है। इसके लिए उन्हें हर तिमाही जीएसटी रिटर्न दाखिल करना होता है। योजना के तहत अयोध्या जोन में 40,774 व्यापारी पंजीकृत हैं।
इनमें संभाग ए (अयोध्या आंशिक, सुल्तानपुर और अंबेडकर नगर) में 12,288, संभाग बी (अयोध्या आंशिक, बाराबंकी व अमेठी) में 13,145 और गोंडा संभाग (गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती) में 1534 व्यापारी शामिल हैं। इसमें कई व्यापारी तो समय पर रिटर्न दाखिल करके कर चुका रहे हैं, लेकिन काफी संख्या में ऐसे भी व्यापारी हैं, जो रिटर्न दाखिल करने में गड़बड़ी कर रहे हैं।
विभाग ने सूची तैयार कराई तो इनकी संख्या 6,626 पहुंची। इन कारोबारियों ने रिटर्न तो दाखिल किया है, लेकिन कारोबार शून्य दिखाया है। जबकि, इनमें कई ऐसे व्यापारी भी हैं, जिनकी फर्म से इसी अवधि में ई-वे बिल भी जारी हुआ है। इससे जाहिर है कि उनकी फर्म से कारोबार तो हो रहा है, लेकिन विभाग को चूना लगाने के लिए रिटर्न दाखिल करते समय कारोबार छिपाया जा रहा है।
अपर आयुक्त ग्रेड-2 अमित मोहन ने बताया कि कर चोरी करने के मकसद से कुछ व्यापारी निल रिटर्न दाखिल कर रहे हैं। सर्वप्रथम इनसे दूरभाष पर वार्ता करके स्पष्टीकरण लिया जा रहा है। समुचित जवाब न मिलने पर नोटिस देकर पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। व्यापारियों से अपील है कि कर व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए समय पर सही रिटर्न दाखिल करें।