बीकापुर। त्रिस्तरीय पंचायत मतदाता सूची में शामिल संदिग्ध मतदाताओं का सत्यापन और मिलान करने में जिम्मेदारों के पसीने छूट रहे हैं। बीएलओ और पंचायत सचिव गांव गांव पहुंचकर डुप्लीकेट श्रेणी के मतदाताओं का आधार कार्ड और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट को इकट्ठा करके सत्यापन किया जा रहा है। ब्लॉक में 60976 डुप्लीकेट वोटर्स हैं, जिनमें सिर्फ 13151 का अब तक सत्यापन हुआ है।
महीनों चले पंचायत मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के तहत बीएलओ विकासखंड की सभी ग्राम पंचायतों में डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान कर सूचीबद्ध किया गया है। इनका एसआईआर के तहत मतदाता सूची में शामिल डुप्लीकेट श्रेणी के मतदाताओं से आधार कार्ड तथा निवास से संबंधित अन्य जरूरी कागजात संग्रहित करके सत्यापन वैध किया जाना है लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते गति काफी धीमी है। ऐसे में मतदाता सूची में शामिल डुप्लीकेट मतदाताओं को लेकर चुनाव लड़ने वाले संभावित उम्मीदवारों में भी बेचैनी है।
अब तक सिर्फ 13151 संदिग्ध मतदाताओं का सत्यापन
एडीओ पंचायत अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि विकासखंड क्षेत्र में शामिल कुल 75 ग्राम पंचायतों में संदिग्ध डुप्लीकेट वोटरों की संख्या 60976 है। इसमें अभी तक आधार कार्ड एवं संबंधित डॉक्यूमेंट लेकर सिर्फ 13151 संदिग्ध मतदाताओं का सत्यापन करके फीडिंग की जा चुकी है, लेकिन सभी ग्राम पंचायतों में अभी 46,853 संदिग्ध डुप्लीकेट वोटर पेंडिंग मतदाता पंचायत सूची में शामिल हैं। इनके आधार कार्ड लेकर वैध किया जाना है। एडीओ ने बताया कि विकासखंड की तोरोमाफी, जलालपुर माफी, पुहपी, दशरथपुर, सोनबरसा माफी, जैनपुर, खजुरहट, मजरुद्दीनपुर, मऊ, न्यूना पूरब, चौरे चदौली, बोदहरी, बनकट, असकरनपुर, डेहरियावा, सहजपुर, बछरामपुर, कोछा, कटारी, मरुई सहाय सिंह और गंडई कुछ 21 ग्राम पंचायतों में डुप्लीकेट मतदाताओं की दुरुस्तीकरण किए जाने की प्रगति निराशाजनक है। इसके अलावा ब्लॉक क्षेत्र में स्थानांतरण या मृत्यु हो जाने के चलते मतदाता सूची में शामिल 927 मतदाताओं को विलोपित सूची में रखा गया है।
बीडीओ अखिलेश मिश्रा ने बताया कि पंचायत सूची में शामिल डुप्लीकेट मतदाताओं के संबंध में संबंधित बीएलओ और पंचायत सचिव को डोर टू डोर मतदाताओं के घर जाकर उनके निवास संबंधित कागजातों को हासिल कर सत्यापन मैपिंग करके दुरुस्तीकरण के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही करने वालों को चेतावनी दी गई है। सूची दुरुस्तीकरण के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है।