अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत देश की पहली सोलर सिटी के रूप में विकसित अयोध्या की 472 ग्राम पंचायतों में अब सूर्य सखियों की तैनाती की जाएगी। ये सूर्य सखियां हर गांव में सोलर स्ट्रीट लाइट के रखरखाव के साथ मरम्मत की जिम्मेदारी संभालेंगी। जिले के हर ब्लॉक में खुलने वाली सोलर शॉप के उत्पादों की बिक्री में भी मददगार होंगी।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) की मिशन निदेशक दीपा रंजन के प्रस्ताव पर मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह के निर्देशन में जिले में 472 सूर्य सखियों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सीडीओ ने इसकी जिम्मेदारी मिशन की जिला प्रबंधक सरिता वर्मा को सौंपी है। सूर्य सखी के रूप में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का चयन किया जाना है। इसके लिए समूहों की महिलाओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
इसके लिए उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा विकास अभिकरण यूपीनेडा और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने आपस में हुए अनुबंध के तहत प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। पहले चरण में समूह की सदस्यों को सूर्य सखी के रूप में चयनित करते हुए प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद यूपीनेडा की ओर से जिले की सभी 472 ग्राम पंचायतों में लगाई जा रही सोलर स्ट्रीट लाइट के रखरखाव और मरम्मत का दायित्व सौंपा जाएगा। इस काम के लिए सूर्य सखी को उत्पाद की कुल कीमत का 2.5 फीसदी कमीशन पांच वर्ष तक यूपीनेडा के माध्यम से वेंडर की ओर प्रदान किया जाएगा।
सीडीओ कृष्ण कुमार सिंह ने अमर उजाला को बताया कि यूपीएसआरएलएम के तहत समूह की महिलाओं की ओर से संचालित प्रेरणा ओजस योजना के माध्यम से जिले के सभी ब्लॉकों में सोलर शॉप भी खोली जा रही है। इन शॉप में उपलब्ध उत्पादों की बिक्री में भी सूर्य सखियों की मदद ली जाएगी। साथ ही उन्हें इसका अलग से लाभांश प्रदान किया जाएगा। सूर्य सखियों की मदद से प्रेरणा ओजस के उत्पादों की मार्केटिंग हो सकेगी और उनकी बिक्री में बढ़ोत्तरी होगी।
यूपीएसआरएलएम की जिला मिशन प्रबंधक सरिता वर्मा के अनुसार सूर्य सखी ग्रामीण क्षेत्र में सोलर टेक्नीशियन के रूप में सोलर उत्पादों की मरम्मत का काम कर अपनी आय बढ़ा सकती हैं। इस तरह सूूर्य सखी को उनके कौशल से आय का एक सतत साधन प्राप्त होगा और आर्थिक सशक्तीकरण के साथ ही सामाजिक पहचान भी हासिल करने में सफल होंगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अयोध्या ऐसा जिला हो जाएगा, जिसमें सौर ऊर्जा के क्षेत्र में हर ग्राम पंचायत में सूर्य सखी की उपलब्धता हो जाएगी।