34- रामलला के दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़- ट्रस्ट
अयोध्या। राम मंदिर के उप मंदिरों में जल्द ही श्रद्धालुओं को दर्शन की सुविधा मिलेगी। इसको लेकर राम मंदिर ट्रस्ट ने पूरी तैयारी कर ली है। सुगम व विशिष्ट पास धारक श्रद्धालु रामलला व राम परिवार के साथ उप मंदिरों में भी दर्शन-पूजन कर सकेंगे। ट्रस्ट प्रशासन ने नई रूपरेखा तैयार कर ली है, जिसे रामनवमी के बाद लागू किया जाएगा।
मंदिर परिसर में स्थित विभिन्न उप मंदिरों परकोटा के छह मंदिर, सप्तमंडपम व शेषावतार मंदिर को खोलने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इन मंदिरों को भी श्रद्धालुओं को खोला जाएगा। नव संवत्सर समारोह 19 माार्च की तैयारियों में इन दिनों ट्रस्ट जुटा हुआ है। इस समारोह के ठीक बाद रामनवमी का पर्व आयोजित होगा। ट्रस्ट सूत्रों के मुताबिक, रामनवमी के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए फिलहाल मौजूदा व्यवस्था ही लागू रहेगी। पर्व के उपरांत भीड़ सामान्य होने पर चरणबद्ध तरीके से उप मंदिरों में दर्शन की नई व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसके लिए सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन के साथ समन्वय कर अंतिम खाका तैयार किया जा रहा है।
उप मंदिरों में पास आधारित दर्शन व्यवस्था होगी। रोजाना करीब पांच हजार लोगों को दर्शन कराया जाएगा। अभी नया साफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत दर्शन समय, प्रवेश बिंदु, सुरक्षा जांच और मार्ग निर्धारण को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। दिव्यांग, वृद्ध और दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम पास के माध्यम से प्राथमिकता देने की योजना है। विशिष्ट अतिथियों के लिए भी निर्धारित समय स्लॉट तय किए जाएंगे, ताकि सामान्य दर्शन व्यवस्था प्रभावित न हो।
कुबेर टीला के लिए अलग पास
विशेष रूप से कुबेर टीला के दर्शन के लिए अलग से पास जारी किए जाएंगे। कुबेर टीला का धार्मिक और पौराणिक महत्व होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां पहुंचना चाहते हैं। सुरक्षा और मार्ग व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट ने अलग स्लॉट और पृथक प्रवेश-निकास मार्ग की योजना बनाई है। ऑनलाइन और निर्धारित काउंटरों के माध्यम से सीमित संख्या में पास जारी किए जाने की संभावना है। रोजाना आठ सौ से एक हजार श्रद्धालुओं को यहां प्रवेश दिया जाएगा।