10- छात्रावास के टूट दरवाजे- संवाद
मिल्कीपुर। कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज में छात्रावासों की स्थिति रख रखाव के अभाव में बद से बदतर हो गई है। गंगा छात्रावास के भीतर चारों तरफ गंदगी बिखरी रहती है। शौचालय के दरवाजे टूटे हुए हैं। पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। टोटियां खराब हैं। शौच के लिए बाल्टी में पानी लेकर जाना पड़ता है। नहाने की व्यवस्था भी ठीक नही है। पानी की टंकियां फर्श पर रखी हुई हैं। साफ-सफाई की स्थिति भी ठीक नही है, बदबू फैली रहती है।
कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज की शिक्षा के क्षेत्र में विश्व स्तरीय पहचान है। यहां देश ही नही बल्कि विदेश से भी छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। वर्तमान में विश्व विद्यालय परिसर में 23 छात्रावास स्थापित हैं। इनमें 13 छात्रों के लिए व 10 छात्राओं के लिए संचालित हो रहे हैं। इनमें करीब 2500 छात्र -छात्राएं रहकर शिक्षण व शोध का कार्य कर रहे हैं। कुछ छात्रावासों को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर की स्थिति संतोषजनक नही है। गंगा छात्रावास में पीएचडी के 100 छात्र रह रहे हैं। छात्रावास के भीतर चारों तरफ गंदगी बिखरी रहती है।
विश्व विद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. डी. नियोगी ने बताया कि रख रखाव की जिम्मेदारी हॉस्टल वार्डन की होती है। समय-समय पर मरम्मत कार्य कराया जाता है। फिर भी जांच कराकर जो भी कमियां होंगी, उन्हें शीघ्र दूर किया जाएगा। 200 छात्र क्षमता का एक नया हॉस्टल बन रहा है जो अक्तूबर तक तैयार हो जाएगा।