अयोध्या। शहर के राजकीय इंटर कॉलेज अयोध्या में स्थित परीक्षा केंद्र पर अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थियों में सफलता की सीढ़ी चढ़ने का जज्बा दिखा। सुबह से ही कक्षा 9 व 11 के छात्र–छात्राओं भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। निर्धारित समय पर परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई। जिले में कुल 1410 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 753 ने परीक्षा दी, जबकि 657 अनुपस्थित रहे। पहली पाली सुबह 11 बजे से शुरू हुई, जिसमें कक्षा 9 के 283 में से 166 विद्यार्थी उपस्थित रहे, वहीं कक्षा 11 के 320 में से 179 छात्रों ने परीक्षा दी। दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शुरू हुई। इसमें कक्षा 9 के 457 में से 231, जबकि कक्षा 11 के 350 में से 177 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी।
व्यवस्था रही दुरुस्त, शिक्षक और कर्मचारी रहे मुस्तैद
परीक्षा के दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों ने पूरी सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई। प्रधानाचार्य ओंकार नाथ, उपप्रधानाचार्य रामू विहोर, कपिलदेव, रवींद्र कुमार गुप्ता, विमलयादव, मोगीस अहमद, डाली, सुषमा गुप्ता, अखिलेश श्रीवास्तव, रमेश कुमार सिंह, धर्मेंद्र कुमार पांडेय, कृष्णपाल सिंह, मेवालाल चौरसिय, अर्चना यादव, नीरा वर्मा, सविता, उस्मान अंसारी, राजेश कुमार शुक्ल, आनंद कुमार पाठक, वरुण कुम्भ त्रिपाठी, अनिल शर्मा, अनिल वर्मा, वरुण कुमार त्रिपाठी, ममता वर्मा और राजेश कुमार ने परीक्षा में सहयोग दिया।
परीक्षार्थियों ने कहा- यह अच्छी पहल
- प्रश्नपत्र उम्मीद के अनुसार था। गणित और सामान्य ज्ञान के कुछ प्रश्न थोड़े कठिन लगे। मैं 12वीं के बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करना चाहती हूं। अगर छात्रवृत्ति मिलती है तो इसकी मदद से मैं कोचिंग करुंगी। अमर उजाला की यह पहल अच्छी है। - रंजना, कक्षा 11 मिल्कीपुर
-पहली बार इतने बड़े स्तर की प्रतियोगी परीक्षा देने का मौका मिला है। पेपर का स्तर अच्छा था और इससे आत्मविश्वास में बढ़ा है। मैं डॉक्टर बनना चाहती हुं। अगर मुझे छात्रवृत्ति मिलती है तो इसकी तैयारी करने में मदद मिलेगी। - आरती यादव, कक्षा 11
- परीक्षा का पता चलते ही मैंने तैयारी शुरू कर दी थी। स्कूल से आने के बाद शाम को रीजनिंग की तैयारी करती थी। तैयार किए गए प्रश्न आए थे। इस प्रकार की परीक्षाओं का आयोजन होना चाहिए। इससे विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का मौका मिलता है। - कृति, कक्षा 11
- सभी प्रश्न पढ़ाई के अनुरूप थे। प्रश्न का उत्तर देने में कोई दिक्कत नहीं आई। मैंने समय से उत्तर लिख दिया था। इस परीक्षा की काफी समय से तैयारी में जुटी थी। परीक्षा देकर जानकारी भी बढ़ी है। मेरा सपना दरोगा बनने का है। - शिखर दूबे, परीक्षार्थी
- कुछ उलझाने वाले प्रश्नों को हल करने में समय लग गया। आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह एक बेहतर अनुभव है। इंतजार रहेगा परीक्षाफल का इंतजार रहेगा - आनंद चौहान, परीक्षार्थी
- दो महीने से तैयारी कर रहा हूं। परीक्षा में सभी प्रश्न ठीक थे। केवल जीके थोड़ा कठिन आया था। छात्रवृत्ति मिलेगी तो हमें पढ़ाई में काफी सहायता मिल जाएगी। - सचिन यादव, परीक्षार्थी