अयोध्या। दलित उत्पीड़न के मामले में अदालत के आदेश के 1863 दिन बाद रिपोर्ट दर्ज किए जाने पर विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी दीपक यादव की अदालत ने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने एसओ इनायतनगर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही अनुपालन में देरी के संबंध में कार्रवाई के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजने का निर्देश दिया है।
मामले में अदालत ने 13 जुलाई 2021 को थाना इनायतनगर पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया था। लंबे समय तक रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर पीड़ित शिवकरन ने दोबारा अदालत की शरण ली। कोर्ट ने आदेश के अनुपालन के संबंध में थाने से आख्या तलब की।
पुलिस ने 24 सितंबर 2026 को दाखिल आख्या में बताया कि कोर्ट के आदेश पर 22 अगस्त 2026 को रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। अदालत ने आख्या का अवलोकन करने पर पाया कि आदेश का अनुपालन 1863 दिन बाद यानी पांच साल आठ माह एक दिन में किया गया।
मामला इनायतनगर क्षेत्र में शिवकरन के साथ हुए दलित उत्पीड़न से जुड़ा है। आरोप है कि काशीनाथ ने जातिसूचक शब्दों से गाली देते हुए उसके साथ मारपीट की थी। रिपोर्ट दर्ज न होने पर पीड़ित ने विशेष न्यायालय एससी-एसटी में अर्जी दाखिल की थी।