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वेब: करोड़ों की लागत से बना स्टेशन, नहीं रुकती ट्रेनें

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पूरा बाजार। बिल्हार घाट रेलवे स्टेशन का करोड़ों रुपये की लागत से विस्तार तो कर दिया गया, लेकिन यात्रियों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से बने इस स्टेशन का वर्चुअल उद्घाटन 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इसके बावजूद यहां से गुजरने वाली अधिकतर ट्रेनों का ठहराव न होने से यह स्टेशन केवल शोपीस बनकर रह गया है।
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बिल्हार घाट रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन करीब 35 से 40 पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं। स्टेशन का विस्तार कर यहां तीन प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं और यात्री सुविधाओं का भी प्रबंध किया गया है, लेकिन इन ट्रेनों में से नियमित रूप से केवल किसान एक्सप्रेस (अप) ही सुबह लगभग 9:08 बजे यहां रुकती है। अन्य किसी ट्रेन का नियमित ठहराव नहीं है। स्टेशन मास्टर अमरनाथ यादव ने बताया कि कभी-कभी विशेष परिस्थितियों में कुछ स्पेशल ट्रेनें यहां रोकी जाती हैं, लेकिन नियमित ट्रेनों के ठहराव को लेकर निर्णय उच्च रेलवे अधिकारियों के स्तर पर ही लिया जाता है।



ग्रामीण सुनील सिंह, अनिल सिंह, अशोक सिंह ‘बाबा’, ग्राम प्रधान रमेश सिंह व कांदीपुर निवासी रामप्रीत वर्मा का कहना है कि जब यहां से 35 से 40 ट्रेनें गुजरती हैं तो उनमें से किसी का नियमित ठहराव न होना स्थानीय यात्रियों की मुश्किलें बढ़ाता है। ग्रामीणों की मांग है कि सरयू-यमुना एक्सप्रेस, कोटा-पटना एक्सप्रेस और अमृतसर-जलियांवाला बाग एक्सप्रेस सहित गाड़ी संख्या 13237/38, 14649/50 और 18103/04 का ठहराव बिल्हार घाट रेलवे स्टेशन पर कराया जाए, ताकि स्थानीय यात्रियों को सुविधा मिल सके। क्षेत्रीय विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि वह रेलवे अधिकारियों से वार्ता कर स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग उठाएंगे।
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