अयोध्या। भदरसा में हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में चार बिंदुओं पर राय देने के लिए बनाई गई तीन विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम में शामिल डॉ़ प्रियंका जैन का बयान विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम की अदालत में मंगलवार को दर्ज किया गया।
न्यायाधीश निरुपमा विक्रम की अदालत में चल रही कार्यवाही में सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता व उसकी मां जो वादी मुकदमा है व पीड़िता के स्कूल की प्रधानाध्यापिका, पीड़िता का मेडिकल करने वाली महिला चिकित्सक डॉ़ सरिता सिंह का बयान हो चुका है। इसके अलावा अभियुक्त राजू खान का स्वास्थ्य परीक्षण करने वाले डॉक्टर दिनेश वर्मा, डॉक्टर आशा राम व पीड़िता का गर्भपात कराने वाली क्वीन मेरी हॉस्पिटल की डॉक्टर के साक्ष्य की कार्यवाही पहले ही पूर्ण हो चुकी है।
अभियोजन पक्ष से मामले में 11 वें गवाह के रूप में कोर्ट में पेश डॉ. प्रियंका जैन का बयान होने के बाद अगली सुनवाई के लिए न्यायाधीश ने 21 अप्रैल की तारीख तय की गई। घटना के आरोपी मोईद अहमद के बाबत विधि विज्ञान प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट को लेकर विवेचक ने महिला अस्पताल के अधीक्षक से चार बिंदुओं पर राय मांगी थी। तीन विशेषज्ञ डाक्टरों डॉ़ किरण , डॉ़ प्रियंका जैन व पैथाेलॉजिस्ट आशाराम की टीम से प्राप्त राय को विवेचक को दी गई थी। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में घटना के सह आरोपी सपा नेता मोईद अहमद की जमानत अर्जी इसी न्यायालय से 28 अगस्त 2024 को निरस्त की गई है। वहीं मुख्य आरोपी राजू खान की जमानत अर्जी को भी न्यायालय ने 23 जनवरी 2025 को खारिज किया है।