अयोध्या। ''महिला आयोग आपके द्वार'' अभियान के तहत उत्तर प्रदेश में पहली बार अयोध्या में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर जनसुनवाई करने पहुंचीं। उन्होंने बताया कि अयोध्या संभाग से पहले ही आयोग को 40 शिकायतें मिल चुकी हैं। मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान 15 शिकायतें मिली हैं। इस तरह कुल 55 शिकायत आई हैं। इनका निस्तारण किया जाएगा। अधिकांश मामले पति-पत्नी या पारिवारिक विवादों से जुड़े रहे।
सर्किट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि सभी शिकायतों का निस्तारण तुरंत नहीं हो पाता है, इसमें समय लगता है। महिलाएं अपने गांव से दिल्ली तक नहीं पहुंच पाती हैं, इसलिए आयोग उनके जिले में पहुंच कर सुनवाई कर रहा है। सुनवाई के दौरान अलग-अलग शिकायतें मिली हैं। हर एक की बात हमने सुनी है। जिस तरह की शिकायत थी, उसे लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। पुलिस से संबंधित शिकायतें एसएसपी को और प्रशासनिक शिकायत डीएम को निस्तारण कराने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने महिला परामर्श केंद्रों के महत्व पर बल देते हुए अधिकारियों को पारिवारिक विवादों से संबंधित मामलों में काउंसिलिंग की सलाह दी।
अध्यक्ष ने कहा कि मुझे विश्वास है कि आज की जनसुनवाई में सभी को न्याय मिलेगा। कोई भी शिकायत तुरंत निस्तारित नहीं हो पा होती है। कुछ मामले कोर्ट में चलते हैं, कुछ की आयोग में सुनवाई होती है। इसकी सुनवाई लंबी चलती है। दो-तीन बार दोनों पक्षों के साथ बैठना पड़ता है, उसके बाद ही निस्तारण होता है। जनसुनवाई के दौरान आईजी प्रवीण कुमार, डीएम चंद्र विजय सिंह, एसएसपी राजकरण नय्यर, सीडीओ कृष्ण कुमार सिंह, विधिक सेवा प्राधिकरण की अधिवक्ता श्वेता सिंह, एसडीएम सदर विकास धर दुबे, सीएमओ डॉ. सतीश कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी अश्वनी तिवारी, एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी व जिला सूचना अधिकारी संतोष द्विवेदी मौजूद रहे।