अयोध्या। मेडिकल कॉलेज के तीनों विभागों से संबंधित खून जांच अब एक ही छत के नीचे हो सकेगी। इसके लिए प्रथम तल पर अत्याधुनिक केंद्रीयकृत लैब बनाई जा रही है। तीनों विभागों के नमूने एक साथ भेजे जाएंगे, जिससे अनावश्यक भागदौड़ से निजात मिलेगी।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी और वार्डों में मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में बेहतर इलाज चुनौतीपूर्ण हो रहा है। खासतौर से पैथोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और माइक्रो बॉयलोजी विभागों की जांच अलग-अलग जगह होने से चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी के साथ मरीजों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इससे निजात के लिए कॉलेज प्रशासन ने ठोस पहल की है। इसके लिए भूतल और प्रथम तल पर चल रहीं प्रयोगशालाओं को एक साथ संचालित किया जाएगा। जांच एजेंसी पीओसीटी की ओर से प्रथम तल पर संचालित एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) परिसर में आधुनिक केंद्रीयकृत लैब बनाई जा रही है। इसमें तीनों विभागों के अलग-अलग अनुभाग बनेंगे।
रोगियों के खून का नमूना नीचे ही लिया जाएगा। इसके बाद एक साथ तीनों विभागों में आपूर्ति की जाएगी। सेंट्रल स्टोर से सीधे तौर से आवश्यकतानुसार रीजेंट्स भेजा जाएगा। सभी अनुभाग में जांच के बाद उसी समय रिपोर्टिंग की जाएगी और मरीजों को ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीकों से रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी। यह रिपोर्ट एचएमआईएस (हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन प्रणाली) के जरिये शासन भेजा जाएगा।
प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने बताया कि 2019 में ही पीओसीटी ने अनुबंध के अनुसार उपकरण लगाए थे, जिन्हें इसी के साथ अपडेट किया जाएगा। नए उपकरणों से गुणवत्तापूर्ण जांच हो सकेगी। लगभग डेढ़ माह से लैब बनाने का काम चल रहा है। अगले एक महीने में काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद सेवाएं संचालित की जाएंगी।