अयोध्या। सीएचसी रुदौली में सिजेरियन के बाद देखरेख के अभाव में प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी तो स्टाफ नर्स ने रेफर कर दिया। महिला मेडिकल कॉलेज दर्शननगर पहुंची तो वहां भी ठिकाना न मिला। बाद में उसे निजी अस्पताल लाया गया, जहां उसकी हालत सामान्य है। लापरवाही बरतने पर सीएमओ ने स्टाफ नर्स बृजेश यादव पर गाज गिराई है।
रुदौली क्षेत्र के खंडपिपरा निवासी फूलचंद की पत्नी रीमा को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन 23 अगस्त को सीएचसी रुदौली ले गए। वहां उसका सिजेरियन प्रसव हुआ। मरीज की देखरेख के लिए स्टाफ नर्स बृजेश यादव को जिम्मा सौंपा गया। आरोप है कि ऑपरेशन के बाद तय मानकों के अनुसार स्टाफ नर्स ने मरीज की देखरेख नहीं की। समय से चिकित्सक को अवगत नहीं कराया।
मरीज की हालत गंभीर होने लगी तो 24 अगस्त की रात उसे मेडिकल कॉलेज दर्शननगर रेफर कर दिया। सीएमओ के अनुसार मेडिकल कॉलेज से भी उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया तो परिजन उसे शहर के कसाबबाड़ा स्थित एक निजी अस्पताल लाए। वहां दो दिन तक आईसीयू में उसका इलाज हुआ तो उसकी हालत में सुधार हुआ। बृहस्पतिवार को सीएमओ ने निजी अस्पताल पहुंचकर मरीज का हालचाल लिया है।
सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान ने बताया कि ऑपरेशन के बाद पोस्ट केयर में स्टाफ नर्स ने लापरवाही की है। इसलिए सीएचसी रुदौली से हटा दिया गया है। डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश चौधरी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जिसमें फाइलेरिया नियंत्रण अधिकारी डीके श्रीवास्तव और जिला प्रशासनिक अधिकारी बृजेश मिश्रा शामिल हैं। टीम से एक सप्ताह के भीतर जांच आख्या मांगी गई है। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने बताया कि मामले की जानकारी की जा रही है।