अशर्फी भवन में अभिषेक करते श्रीधराचार्य व अन्य।
अयोध्या। रामनगरी राम जन्मोत्सव की उल्लास में डूब गई है। सुबह से शाम तक मठ-मंदिरों में यह उल्लास बिखर रहा है। कहीं अनुष्ठान हो रहे हैं, तो कहीं प्रवचनों में राम नाम का गुणगान किया जा रहा है। शाम होते ही रामनगरी के आठ हजार मंदिरों में बधाई गान की स्वर लहरियां गूंजने लगती हैं। बधाई गान की धुन श्रद्धालुओं को बरबस मठ-मंदिरों की ओर आकर्षित करती है। शाम होते ही मंदिरों के जगमोहन में गीत-संगीत की सरिता प्रवाहित होने लगती है।
दशरथ महल बड़ास्थान में बिंदुगाद्याचार्य महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य के सानिध्य में श्रीरामकथा की धूम है। नरहरिदास भक्तमाली भगवान राम और उनके नाम की महिमा सुना रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम से बड़ा राम का नाम है। भगवान शिव भी राम नाम की गुणगान किया करते हैं। वहीं, प्रसिद्ध पीठ अशर्फी भवन में राम जन्मोत्सव के क्रम में सोमवार को भगवान श्री लक्ष्मीनारायण भगवान का 80वां प्रतिष्ठा महोत्सव, ब्रह्मोत्सव मनाया गया। दक्षिण से आए आचार्यों के निर्देशन व जगद्गुरु श्रीधराचार्य के सानिध्य में जल, दूध, दही, घी, शहद, पंचामृत से भरे 111 रजत कलशों से भगवान का दिव्य अभिषेक किया गया। दोपहर में भगवान की फूल बंगला झांकी सजाई गई। श्रीधराचार्य ने इस अवसर पर कहा कि भगवान का अभिषेक करने से आत्मशुद्धि एवं पर्यावरण की शुद्धि होती है।
रामनगरी के मणिरामदास छावनी, श्रीरामबल्लभाकुंज, सियाराम किला, लक्ष्मण किला, जानकी घाट बड़ास्थान सहित हजारों मंदिरों में विभिन्न आयोजनों की धूम मची हुई है। राम मंदिर में भी नित्य शाम बधाई गान का आयोजन हो रहा है। रामनगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ गई है। तीन लाख से अधिक श्रद्धालु इस समय मठ-मंदिरों में ठहरे हैं और अपने आराध्य के जन्मोत्सव का आनंद उठा रहे हैं।