सोहावल। तहसील सोहावल में जिलाधिकारी अयोध्या ने समाधान दिवस की अध्यक्षता की। इस दौरान कुल 140 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से केवल चार का ही निस्तारण हो सका। बिजली विभाग के रुदौली डिवीजन के अधिशासी अभियंता रोहित जैन की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने उनका एक दिन का वेतन रोकने का आदेश दिया।
जिलाधिकारी की प्रमुखता पिछले सप्ताह से तहसील परिसर में चल रहे किसान यूनियन के धरने को समाप्त कराना था। लगभग आधे घंटे तक बंद कमरे में चर्चा के बाद, जिलाधिकारी ने समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
बड़ागांव निवासियों ने चाणक्य पुरी मोहल्ले में ग्राम पंचायत द्वारा अधूरे छोड़े गए निर्माण कार्य की शिकायत की। उन्होंने बताया कि लगातार छह बार शिकायत के बाद भी ग्राम प्रधान और सचिव सहित ब्लॉक अधिकारियों के अड़ियल रवैये के कारण कार्य पूरा नहीं हुआ। जिलाधिकारी टीकाराम फुंडे ने इस पर ब्लॉक अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने उक्त अधूरा निर्माण कार्य तुरंत पूरा कराने के सख्त निर्देश दिए। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर, उपजिलाधिकारी सविता राजपूत और क्षेत्राधिकारी सदर अरविंद सोनकर सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
70 शिकायतें आईं, 10 का निस्तारण
बीकापुर। तहसील सभागार में शनिवार को मुख्य राजस्व अधिकारी गजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित किए गए संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 70 शिकायतें आई। इनमें से 10 शिकायतों का निस्तारण मौके पर हो सका। तहसील क्षेत्र के तोरो माफी निवासी प्रहलाद ने संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत पत्र देकर बताया गया कि ग्राम पंचायत में स्थित सरकारी बंजर खाते की भूमि पर 84 कोसी प्रथम मार्ग के निर्माण की आड़ में अवैध खनन किया गया है। मुख्य राजस्व अधिकारी ने एसडीएम को जांच करके कार्रवाई का निर्देश दिया। राजस्व मामलों से संबंधित अन्य शिकायतें भी आईं। संपूर्ण समाधान दिवस में एसडीएम श्रेया, तहसीलदार दिनेश कुमार, सीओ पीयूष सहित अन्य मौजूद रहे।
पांच बार किया आवेदन नही हुई वरासत
मिल्कीपुर। मिल्कीपुर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी मिल्कीपुर सुधीर कुमार ने शिकायतकर्ताओं को सुना। कुल 114 शिकायतें आईं, छह का मौके पर निस्तारण हुआ। ईंट गांव के हनुमान चंद ने शिकायत की कि गांव की खतौनी में गाटा संख्या 248 क्षेत्रफल 0.174व 395 क्षेत्रफल 0.210 हेक्टेयर दुलारा के नाम दर्ज है। उनकी मृत्यु हो चुकी है। जायज वारिसानों के नाम नामांतरण के लिए पांच बार आवेदन किया, पर वरासत नहीं हो सकी। एसडीएम ने प्रकरण की जांच का निर्देश तहसीलदार को दिया।