53-मॉकड्रील के दौरान सिविल लाइन में सड़क पर गिरे घायल लोग।-संवाद
अयोध्या। शाम के छह बजते ही हवाई हमले और आपातकालीन हालात की सूचना के बाद सायरन की आवाज गूंजने लगी। कुछ ही पल में चारों तरफ अंधेरा छा गया। सड़क पर गिरे घायलों को बचाने और आग पर काबू पाने के लिए पुलिस, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और बम डिस्पोजल स्कवायड ने मोर्चा संभाल लिया।
यह दृश्य शुक्रवार को मॉक ड्रिल के दौरान शहर के सिविल लाइंस चौराहे पर दिखा। पुलिस ने चौराहे के चारों तरफ से आवागमन पहले ही रोक दिया था। सायरन बजने के साथ ही बत्ती गुल हो गई और अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई।
इसके बाद रामपथ की दोनों लेन में कई घायल पड़े हुए दिखे। एसडीआरएफ के जवान स्ट्रेचर लेकर डॉक्टरों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक उपचार शुरू किया। इस बीच एंबुलेंस भी आ गई। मरहम-पट्टी के बाद घायलों को अस्पताल भेजा गया।
अभी यह प्रक्रिया चल ही रही थी कि एक स्थान पर आग लग गई। फायर ब्रिगेड के दस्ते ने तुरंत वहां पर पहुंच कर आग पर काबू पाया। इसी कड़ी में बम डिस्पोजल स्कवायड ने इलाके को घेरकर संदिग्ध बम को निष्क्रिय करने की कार्रवाई की।
पूरा घटनाक्रम इतना वास्तविक था कि कुछ देर के लिए यह किसी असली आपात स्थिति जैसा प्रतीत हुआ। इस मॉक ड्रिल की निगरानी एडीएम सिटी योगानंद पांडेय और एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी कर रहे थे।
एडीएम सिटी ने बताया कि इस अभ्यास के माध्यम से यह परखा गया कि आपातकाल या हवाई हमले जैसी स्थिति में प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां और स्वास्थ्य सेवाएं कितनी तेजी और आपसी समन्वय के साथ काम कर सकती हैं। यह अभ्यास आम जनता की सुरक्षा, जागरूकता और त्वरित बचाव व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया।
53-मॉकड्रील के दौरान सिविल लाइन में सड़क पर गिरे घायल लोग।-संवाद
53-मॉकड्रील के दौरान सिविल लाइन में सड़क पर गिरे घायल लोग।-संवाद