बैठक में मौजूद सिंधी समाज के लोग।
अयोध्या। नगर निगम की नामित पार्षद सूची में सिंधी समाज को प्रतिनिधित्व न मिलने पर समाज में तीखी नाराजगी उभर कर सामने आई है। सिंधी सेंट्रल पंचायत, सिंधु सेवा समिति, भक्त प्रहलाद सेवा समिति व यूथ विंग के पदाधिकारियों ने इसे समाज की उपेक्षा बताते हुए भाजपा नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं।
पंचायत के मुखिया ओमप्रकाश अंदानी व पवन जीवानी ने कहा कि सिंधी समाज हमेशा भाजपा का मजबूत समर्थक रहा है, इसके बावजूद एक भी नामित पार्षद न बनाया जाना समाज के साथ अन्याय है। भक्त प्रहलाद सेवा समिति के अध्यक्ष कन्हैया लाल सागर व यूथ विंग अध्यक्ष विक्रम आहूजा ने आरोप लगाया कि समाज की लगातार अनदेखी की जा रही है, जबकि सिंधी समाज संगठन और विचारधारा के स्तर पर पूरी तरह जुड़ा रहा है।
समाज के प्रवक्ता ओमप्रकाश ओमी ने कहा कि नगर निगम में समाज का एक भी पार्षद निर्वाचित नहीं है, ऐसे में नामित पार्षद के रूप में प्रतिनिधित्व मिलना जरूरी था। लेकिन सूची में नाम न होने से समाज की उम्मीदें टूट गई हैं।
प्रभु झूलेलाल की नौ दिवसीय महाआरती के दौरान आयोजित बैठक में समाज के लोगों ने अपना आक्रोश व्यक्त किया और चेतावनी दी कि भविष्य में इसका राजनीतिक जवाब दिया जाएगा। आक्रोश जताने वालों में अशोक मदान, भीमन दास, गिरधारी चावला, देवकुमार क्षेत्रपाल, राजकुमार मोटवानी, धर्मपाल रावलानी, सुनील रामानी, दीपचंद भारतीय, विजय लखमानी, धनेष बजाज सहित कई लोग मौजूद रहे।