श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भारत सरकार की संस्था 'मिंट' (टकसाल) को जांच और गलाने के लिए पहले चरण में 9.44 क्विंटल (944 किलो) चांदी दी थी। राम मंदिर के लिए भक्तों की ओर से दान किए गए सोने और चांदी की गुणवत्ता और मात्रा के मूल्यांकन के लिए ट्रस्ट ने यह फैसला लिया था। चंपत राय ने कुछ महीने पहले यह जानकारी सार्वजनिक करते हुए बताया था कि दान के रूप में कुल 13 क्विंटल चांदी और 20 किलो सोना प्राप्त हुआ है। पहले चरण में 9.44 क्विंटल (944 किलो) चांदी गलाने के लिए भेजी गई। उन्होंने यह भी बताया था कि जांच में चांदी की शुद्धता 95 फीसदी पाई गई थी। इन्हें ईंटों के रूप में बैंक में संरक्षित किया गया है।
अनुभवी हाथों में देना होगा राम मंदिर का प्रबंधन : नृपेंद्र
अयोध्या। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक इंटरव्यू में फिर राम मंदिर के प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में करीब 1500 लोग अनौपचारिक तरीके से काम कर रहे हैं। यह एक मिनी सिटी की तरह है। उन्होंने कहा कि उनका निश्चित मत है कि पूरा प्रबंधन अनुभवी लोगों के हाथ में सौंप दिया जाना चाहिए। प्रबंधन के अंदर कोई स्ट्रक्चर नहीं है। काम का कोई बंटवारा नहीं है। प्रबंधन को अनुभवी हाथों में देना होगा। जिम्मेदारी स्पष्ट करनी होगी। नियम बने, वेतन हो, ऐसा सुझाव है।