अयोध्या। अयोध्या का कण-कण इन दिनों राम नाम रूपी इत्र की सुगंध से महक रहा है। इस सुगंध से आकर्षित होकर पूरा देश अयोध्या में उमड़ पड़ा है। जन-जन के राम, हर मन में राम... यह दृश्य रामनगरी में हर ओर दिख रहा है। श्रीराम से रिश्तों की डोर बांधकर रोजाना हजारों श्रद्धालु अयोध्या आ रहे हैं। श्रीराम किसी के दामाद हैं तो किसी के जीजा। कोई उन्हें अपना मामा बता रहा है। हर कोई उन्हें अपना बनाने को बेताब नजर आ रहा है।
सीतामढ़ी से आईं सावित्री देवी रामलला के दर्शन करने के बाद बोलीं कि श्री राम हम सब के भगवान तो हैं ही, लेकिन हमारे पाहुन (दामाद) भी हैं...। सीतामढ़ी में ही माता जानकी का जन्म हुआ था। सीता हमारी बेटी हैं, इसलिए राम जी पाहुन हुए। पाहुन के महल का उद्घाटन होने जा रहा है, इसलिए हम उपहार लेकर अयोध्या आए हैं। साथ में खड़ीं दरभंगा की नीलम भी उत्साहित होकर बोलीं, पाहुन के घर खाली हाथ नहीं आना चाहिए, इसलिए यथाशक्ति समर्पण लेकर आए हैं।
छत्तीसगढ़ को रामलला का ननिहाल माना जाता है। छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु भी बृहस्पतिवार को रामलला के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे। बीए के छात्र राजमौलि बोले कि रामजी तो हमारे मामा लगते हैं। दशकों तक हमारे मामा ने वनवास झेला, टेंट में रहे, अब उनका भव्य महल बन रहा है, इसलिए दर्शन करने आए हैं। देखिए रामजी का प्रताप कि वे नए घर में विराजने आ रहे हैं तो पूरी अयोध्या का वैभव लौट रहा है। बिहार की मीना ने कहा कि सीता माता हम सबकी बहन हैं तो राम जी हमारे जीजा हुए न...। रामजी के धाम की रौनक देखकर इतनी खुशी हो रही है कि बता नहीं सकते।
समर्पण, अर्पण करने की होड़
देशभर के भक्तों में रामलला के प्रति जो समर्पण है उसे अर्पण करने की होड़ सी दिख रही है। तभी तो रोजाना सैकड़ों भक्त विभिन्न प्रांतों व जिलों से कोई न कोई उपहार लेकर अयोध्या पहुंच रहे हैं। विहिप के प्रवक्ता शरद शर्मा बताते हैं कि अयोध्या में इन दिनों भाव का मेला लगा हुआ है। हर कोई अपने सामर्थ्य अनुसार भाव अर्पित कर रहा है। कपड़े, खाद्य सामग्री, पूजन सामग्री, बरतन, मिष्ठान, सोने-चांदी के सामान, इत्र जिससे जो भी बन पड़ रहा है वह रामलला को देने आ रहा है, अद्भुत भाव है भक्तों का...।
-फोटो 54 : समाजसेवी दिनेश कौशिक को ध्वजा यात्रा का निमंत्रण देते समिति सदस्य।