अयोध्या। मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में सीवर लाइन चोक से जगह-जगह टैंक ओवरफ्लो हो रहे हैं। शौचालयों से मल-मूत्र खुले में बह रहे हैं। परिसर में जगह-जगह जलभराव हो गया है। इससे मरीज, तीमारदार व अस्पताल कर्मियों को भीषण दुर्गंध व संक्रमण के खतरों का सामना करना पड़ रहा है।
राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के सभी विभागों में रोगियों की भीड़ बढ़ रही है। रोज की ओपीडी लगभग दो हजार का आंकड़ा पार कर रही है। 500 बेड का अस्पताल लगभग 80% तक हर दिन फुल रहता है। इस तरह यहां रोज पांच से 10 हजार लोगों का आवागमन रहता है। ऐसे में यहां सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगने के बावजूद इसका बेहतर लाभ नहीं मिल पा रहा है। देखरेख के अभाव में इन दिनों परिसर में बदइंतजामियों का बोलबाला दिख रहा है। शनिवार को हमारी टीम ने अस्पताल परिसर का जायजा लिया तो बदहालियों की स्याह तस्वीर सामने आई।
डीआर टीबी सेंटर के सामने जलभराव
पुरानी ओपीडी के सामने स्थित मार्ग पर जलभराव है। इसी के सामने डीआरटीबी सेंटर स्थापित है। यहां गंभीर हालत में क्षय रोगी इलाज कराने आते हैं। पहले से ही संक्रमण से जूझ रहे इन रोगियों के लिए जलभराव से और खतरा उत्पन्न हो रहा है।
नवनिर्मित ट्रॉमा सेंटर के सामने बह रहा मल-मूत्र
यह दृश्य नवनिर्मित ट्रॉमा सेंटर और 200 बेड के अस्पताल के बीच का है। यहां पर शौचालय से निकला मल-मूत्र खुले में बह रहा है। इधर से गुजरने वाले राहगीर मुंह और नाक ढंककर आवागमन करने को विवश हैं। भीषण दुर्गंध से डीआर टीबी सेंटर के कर्मी भी परेशान हैं।
नाली चोक, भनभना रहे मच्छर
यह दृश्य 300 बेड के अस्पताल व रेडियोलॉजी विभाग के सामने का है। यहां पर नाली व सीवर चोक होने से जलभराव है। नाली में मच्छर भनभना रहे हैं। यहीं पर कैंटीन भी स्थापित है। साथ ही इसी मार्ग से गंभीर रोगी सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी जांच आदि के लिए जाते हैं।
बर्न यूनिट के सामने उफना रहा टैंक
पुराने ट्रॉमा सेंटर और बर्न यूनिट के सामने अस्पताल से आ रही सीवर लाइन का टैंक उफना रहा है। टैंक से निकलकर यह गंदगी आसपास ही फैल रही है। इसी के बगल में जूनियर चिकित्सकों के आवास हैं और ऑक्सीजन व एलएमओ प्लांट स्थापित है, जिससे उन लोगों को भी संकट झेलना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दिनेश सिंह मर्तौलिया ने बताया कि बिजली में फाल्ट समेत अन्य कारणों से कुछ दिन से एसटीपी सिस्टम ठप है। इस वजह से यह दिक्कत आई है। अब एसटीपी सिस्टम सक्रिय किया जा रहा है। जल्द ही समस्या का निदान हो जाएगा। भविष्य में यहां के सीवर को मेन सीवर से जोड़ने की कवायद चल रही है।
3-रेडियोलॉजी विभाग जाने वाले रास्ते पर भरा पानी।-संवाद