अयोध्या। नित्य क्रिया से वापस घर लौट रहे संदीप पर हमला करने, हाथ की हड्डी तोड़ देने व जान से मारने की धमकी देने के मामले में दोषी करार एक ही परिवार की चार महिलाओं व पांच पुरुषों को सात साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही सभी अभियुक्तों पर कुल 40500 रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ प्रतिभा नारायण ने शुक्रवार को भरी अदालत में सुनाया है।
न्यायाधीश ने दोष सिद्ध अभियुक्तों को सुनाई गई सजाएं साथ साथ चलने का आदेश पारित किया है। इस कारण से अभियुक्तों को अधिकतम तीन साल ही जेल में निरुद्ध रहना पड़ेगा। अभियोजन के अनुसार घटना थाना पूराकलंदर क्षेत्र के उरवा वैश्य गांव की है। 23 नवंबर 2015 की सुबह आठ बजे बेचू गिरी का लड़का संदीप शौच करके वापस घर आ रहा था तभी रास्ते में गांव के ही जमुना प्रसाद की पत्नी सूर्यपती व उनके लड़के गंगाराम ,साधुराम ,सुनील,जमुना की दो पुत्रियां गुगला उर्फ पूजा व चांदनी,भारत पुत्र फूल प्रसाद,रेशमा पत्नी वंशराज,वंशराज पुत्र मेढ़ई व ऊषा पत्नी भारत ने एक राय होकर लाठी डंडा कुल्हाड़ी से मारा पीटा। बचाने गए परिवार के लोगों से भी मारपीट की गई। बेचू गिरी के हाथ की हड्डी तोड़ दी गई। अदालत के आदेश पर घटना की रिपोर्ट थाना पूराकलंदर में दर्ज की गई।
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से सात गवाह पेश किए गए। मुकदमा की सुनवाई के दौरान आरोपी महिला सूर्यपती की मृत्यु हो गई।
न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद सबूत व गवाहों के बयान के आधार पर दोषी गंगाराम, साधुराम, सुनील गुगला उर्फ पूजा, चांदनी, भारत, रेशमा, वंशराज व ऊषा को हाथ की हड्डी तोड़ देने के मामले में तीन साल के कठोर कारावास व दो हजार रूपये जुर्माना,मारपीट व गाली गलौज के मामले में छह- छह माह के कारावास व पांच -पांच सौ रुपये जुर्माना,जान से मारने की धमकी के मामले में एक साल के कारावास व पांच सौ रुपये जुर्माना एवं एक राय होकर घटना कारित किए जाने के मामले में एक - एक साल के कारावास व पांच - पांच सौ रुपये जुर्माना की सजा से दंडित किया है।