अयोध्या। अयोध्या धाम के 15 वार्डों में 70 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण प्रस्तावित है। इनमें 65 के लिए भूमि भी चिन्हित कर ली गई है। इनके भवनों के निर्माण के लिए शासन से बजट के साथ नए पद स्वीकृत होने का इंतजार किया जा रहा है। एक दिन पहले इस मामले में प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के हस्तक्षेप किए जाने के बाद बाल विकास व पुष्टाहार विभाग को अब इस दिशा में जल्द निर्णय होने की उम्मीद जगी है।
इसे रामनगरी की विडंबना ही कहा जाएगा कि जहां भव्य राम मंदिर का निर्माण हो गया। केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से जनसुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कई बड़ी सौगातें मिल चुकी हैं, उसी अयोध्या धाम में एक भी आंगनबाड़ी केंद्र नहीं है। इस दिशा में पहल करते हुए जिला प्रशासन और बाल विकास व पुष्टाहार विभाग ने धाम के 15 वार्डों में 70 आंगनबाड़ी केंद्रों की नवीन स्थापना का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
इसी प्रस्ताव के तहत इन 15 वार्डों की 90,000 से अधिक की आबादी की गर्भवती महिलाओं और छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों को विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए नए पदों की स्वीकृति की भी शासन से गुजारिश की गई है। सभी 70 नए आंगनबाड़ी केंद्रों पर 70 कार्यकत्री और इतनी ही सहायिकाओं की नियुक्ति की जानी है। शासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद तत्काल नई भर्ती शुरू कर दी जाएगी।
प्रदेश की राज्यपाल ने अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान बाल विकास व पुष्टाहार विभाग के एक कार्यक्रम के दौरान अयोध्या धाम में एक भी आंगनबाड़ी केंद्र न होने पर चिंता जताई थी। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रों का संचालन जल्द शुरू कराने के लिए प्रदेश सरकार से भी आग्रह करेंगी। राज्यपाल की इस पहल से विभाग को भी उम्मीद जगी है कि उनका प्रस्ताव जल्द स्वीकृत हो जाएगा।
इस बारे में जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि शासन से जैसे ही नए पद स्वीकृत किए जाएंगे तो भर्ती करते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों का अस्थायी तौर पर संचालन शुरू करवा दिया जाएगा। भवनों का निर्माण होता रहेगा। जैसे-जैसे भवन बनते जाएंगे, वैसे-वैसे केंद्रों को वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसके लिए महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी भी प्रयासरत हैं। उन्होंने कई मठ और मंदिरों के महंतों से केंद्रों के अस्थायी संचालन के लिए जगह उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।