57-कार्तिक पूर्णिमा पर सुरक्षा में तैनात आरएएफ के जवान।-संवाद
अयोध्या। कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार को जिले में सुरक्षा व्यवस्था सख्त रही। इसके लिए अयोध्या धाम को सात जोन और 40 सेक्टर में बांटा गया था। घाटों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से प्रत्येक गतिविधि की निगरानी की गई।
कार्तिक पूर्णिमा को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने होमवर्क किया था। संपूर्ण क्षेत्र को जोन और सेक्टर में बांटा गया था। अपर पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों को जोन की कमान सौंपी गई थी। बाहर से आई पुलिस को मंगलवार रात से ही विभिन्न पाॅइंटों पर मुस्तैद कर दिया गया था।
बुधवार की भोर से ही सरयू तट पर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ने लगा। ऐसे में पहले से तैनात जवानों ने मोर्चा संभाल लिया। विभिन्न घाटों पर जल पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ आदि की टुकड़ी लगाई गई। लाउडस्पीकर से श्रद्धालुओं को गहरे पानी में न जाने को लेकर सतर्क किया गया। अपने-अपने विभाग की नावों के साथ रेस्क्यू टीम अलर्ट रही।
प्रमुख मंदिरों पर सुरक्षा घेरा सख्त रहा। नागेश्वरनाथ मंदिर, हनुमानगढ़ी आदि मंदिरों पर प्रवेश व निकास मार्ग अलग किए गए। यहां भी पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे। भीड़ अधिक बढ़ने पर एटीएस कमांडो तैनात किए गए। इसके अलावा मेला क्षेत्र में लगभग आठ कंपनी पीएसी व अर्द्धसैनिक बलों के जवान अलर्ट रहे।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा को लेकर सुरक्षा घेरा सख्त की गई है। कहीं से किसी तरह की अप्रिय सूचना सामने नहीं आई है। श्रद्धालुओं की सुगमता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।