अयोध्या। राजकीय डॉ. बृजकिशोर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की सेवा और सुविधाओं के विस्तार के लिए अब नई जमीन की तलाश है। बीते दिनों आयुष मंत्री के निर्देश पर प्राचार्य ने जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेजा है। राजस्व टीम इसकी तलाश कर रही है।
वर्ष 1972 में शहर के देवकाली पर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई थी। छाेटी सी जगह पर संचालित इस मेडिकल काॅलेज से हर साल 38 विद्यार्थी होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति से स्नातक की डिग्री लेकर निकलते हैं। मौजूदा समय में यहां 38-38 विद्यार्थियों के चार बैच की कक्षाएं संचालित हैं। चिकित्सा शिक्षा की आधुनिकता भरे दौर में अब यहां संसाधनों के विस्तार में जगह की कमी खल रही है।
अभी तक यहां व्याख्यान हॉल, प्रशासनिक भवन के अलावा ओपीडी व छात्राओं के लिए छात्रावास की सुविधा मिल रही है। प्राचार्य, प्रोफेसर समेत अन्य कर्मियों व छात्रों के आवास के इंतजाम नहीं हैं। मरीजों को भर्ती करने के लिए भी जगह की कमी बाधा बन रही है। बीते दिनों आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्रा दयालु के दौरे के समय यह समस्या प्रमुखता से उठी तो उन्होंने प्राचार्य को नई जगह खोजने की कवायद शुरू करने को कहा था।
प्राचार्य डॉ. आशीष कुमार सिंह ने बताया कि आवासीय परिसर युक्त भवन व अस्पताल, शिक्षण कार्य आदि के लिए लगभग पांच एकड़ भूमि की जरूरत है। जिलाधिकारी से पत्राचार किया गया है। लेखपाल ने आकर जानकारी ली है। जगह मिलने के बाद आधुनिक सुविधाओं युक्त नया मेडिकल कॉलेज बनाने की कवायद शुरू होगी। इससे परास्नातक पाठ्यक्रम शुरू हो सकेंगे। मरीजों को इसका लाभ मिल सकेगा।
सूत्रों के अनुसार नए होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज के लिए एयरपोर्ट के आसपास जमीन खोजी जा रही है। हालांकि, अब तक इसकी तलाश पूरी नहीं हो सकी है। तहसीलदार सदर धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि इतनी बड़ी जमीन शहरी क्षेत्र में नहीं मिल रही है। आसपास की तहसीलों से संपर्क साधा जा रहा है। पूराबाजार क्षेत्र में सरकारी जमीनें हैं, लेकिन वह बाढ़ क्षेत्र होने से दिक्कत आती है।