फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ayodhya News: हैंडपंप रिबोर के नाम पर घोटाला

Sat, 05 Oct 2024 02:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
विज्ञापन
विज्ञापन
एक ही नल के रखरखाव और मरम्मत के नाम पर दो सालों में हुई 5़ 55 लाख रुपये की निकासी
विज्ञापन

जलालुद्दीन नगर पूरा बाजार ग्राम सभा का मामला
पूरा बाजार। विकासखंड पूरा बाजार के जलालुद्दीन नगर पूरा बाजार ग्राम सभा में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। सरकारी पोर्टल पर अपलोड किए गए दस्तावेजों के अनुसार रिबोर इंडिया मार्का टू नल योजना के तहत पिछले दो वर्षों में लगभग 5,55,604 रुपये की निकासी की गई है। यह रकम एक ही नल के रखरखाव और मरम्मत के नाम पर निकाली गई, जिससे स्थानीय लोग और अधिकारी दोनों ही हैरान हैं।
पोर्टल पर अपलोड की गई तस्वीरें और निकासी के रिकॉर्ड से यह सामने आया कि एक ही नल के रखरखाव के नाम पर इतनी बड़ी राशि निकालना असंभव है। ग्रामीणों ने इस मामले पर जब ध्यान दिया तो उन्होंने पाया कि नल की हालत वैसी ही बनी हुई है। मामला सामने आते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। प्रधान और ग्राम सचिव पर मिलीभगत का आरोप लगाया जा रहा है।
विज्ञापन

रिबोर इंडिया मार्का टू नल योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके तहत, प्रत्येक ग्राम सभा में नल लगाए जाते हैं और उनका नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाता है। खंड विकास अधिकारी पूरा अनुराग सिंह ने इस मामले में कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस तरह किया गया भ्रष्टाचार
एक्सपर्ट व मिस्त्री की मानें तो हैंडपंप की मरम्मत में आमतौर पर ग्लास, वॉशर, सरिया, चेन, और हत्था जैसी सामग्री लगती है, जिनकी कीमत लगभग 7200 रुपये होती है। मिस्त्री और लेबर का मेहनताना जोड़ने पर यह खर्च लगभग 8500 से 9000 रुपये तक जाता है। हालांकि, इसमें प्रति हैंडपंप लगभग 14,800 से 19,500 रुपये तक का भुगतान किया जा रहा है। रिबोर की वास्तविक लागत लगभग 23,000 से 25,000 रुपये होती है, जबकि इसके लिए 85,000 से 1.5 लाख रुपये तक का भुगतान हो रहा है।
विज्ञापन

जेई ने माना रिबोर में हो रही धांधली
इतना ही नहीं, रिबोर के दौरान खराब हो चुकी सामग्रियों को जल निगम के जेई के पास जमा करना होता है, लेकिन ऐसा नहीं किया जाता। जेई खुद मानते हैं कि रिबोर में धांधली हो रही है, क्योंकि पुरानी सामग्रियों का इस्तेमाल किया जा रहा है और केवल मशीन बदली जा रही हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें