नौकरी दिलाने के बहाने दुष्कर्म करने के मामले में सिपाही दोषी करार
- वर्ष 2020 में दोष सिद्ध सिपाही अरविंद गौतम पीआरबी में था तैनात,आज होगी सजा पर सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
अयोध्या। किशोरी को नौकरी दिलाने के बहाने बुलाकर दुष्कर्म करने के मामले में सिपाही अरविंद गौतम को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया गया। सजा के बिंदु पर पांच अक्तूबर को सुनवाई की तिथि नियत की गई है। यह फैसला एफटीसी प्रथम /अपर सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार सिंह ने शुक्रवार को सुनाया है। अभियोजन पक्ष से एडीजीसी ज्ञानेश चंद्र पाण्डेय व सतीश चंद्र देवरस के मुताबिक घटना थाना कोतवाली नगर क्षेत्र की वर्ष 2020 की है।
पीआरबी में तैनात सिपाही अरविंद गौतम ने थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के गांव निवासी की पुत्री को पुलिस की नौकरी दिलाने के नाम पर सिविल लाइन बुलाया। उसके बाद अपने साथ दौड़ में शामिल कराने के लिए रुदौली ले गया। शाम होने पर मैजिक में बैठाकर रामसेवक के घर ले गया। जहां पर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। नौकरी दिलाने के नाम पर पीड़िता की मां से 10 हजार रुपये भी ले लिया। विवेचना के बाद अभियुक्त अरविंद गौतम, रामबचन कोरी व रामसेवक के विरुद्ध बहला फुसलाकर, जान से मारने की धमकी देते हुए भय दिखाकर षड्यंत्र के तहत दुष्कर्म करने के अपराध में आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया।
न्यायाधीश ने रामबचन कोरी व राम सेवक कोरी को सबूत के अभाव में दोष मुक्त कर दिया। वहीं सिपाही अरविंद गौतम को पत्रावली पर मौजूद सबूत व गवाहों के बयान के आधार पर बहला फुसलाकर जान से मारने की धमकी देते हुए भय दिखाकर दुष्कर्म करने के अपराध में दोषी पाया गया। न्यायाधीश ने अभियुक्त अरविंद गौतम को दोषी करार दिए जाने के बाद जेल भेज दिया।