फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ayodhya News: एक हजार तुलसी पत्रों से भगवान श्रीराम का सहस्त्रार्चन

Sat, 22 Nov 2025 09:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
विज्ञापन
07- यज्ञ मंडप में पूजन के लिए की गई रामभद्र मंडल की स्थापना - ट्रस्ट
विज्ञापन
अयोध्या। राम मंदिर में ध्वजारोहण अनुष्ठान का दूसरा दिन पूरी तरह वैदिक अनुष्ठानों और दिव्य पूजन पर केंद्रित रहा। आचार्यों ने एक हजार तुलसी पत्रों से भगवान श्रीराम का सहस्त्रार्चन संपन्न कराया। मंदिर परिसर का वातावरण मंत्रोच्चार, धूप-सुगंध और भक्ति की अनवरत धारा से भर उठा। सहस्त्रार्चन के बाद पूरा कार्यक्रम शास्त्रानुसार क्रमबद्ध पूजन विधियों के साथ आगे बढ़ा।
विज्ञापन

शनिवार की सुबह ठीक आठ बजे पूजन का क्रम प्रारंभ हुआ। आचार्यों ने पहले दिन की तरह ही गणपति पूजन, पंचांग पूजन, षोडष मातृका पूजन के बाद मंडप प्रवेश पूजन कराया। इसे बाद योगिनी पूजन, क्षेत्रपाल पूजन, वास्तु पूजन, नवग्रह पूजन और प्रधान मंडल के रूप में रामभद्र मंडल व अन्य मंडलों का आवाहन पूजन किया गया। इसके अलावा ध्वज का पूजन भी प्रारंभ कर दिया गया है। इसी ध्वज का आरोहण पीएम नरेंद्र मोदी राम मंदिर के शिखर पर करेंगे। आचार्यों ने इस दौरान वैदिक परंपरा के अनुसार मंडलों का आवाहन किया, जो किसी बड़े अनुष्ठान का सूक्ष्म और अत्यंत महत्वपूर्ण भाग माना जाता है। मंडलों के स्थापित होते ही यज्ञस्थल पर आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संचार महसूस हुआ।
पूजन व्यवस्था प्रमुख आचार्य इंद्रदेव मिश्र ने बताया कि मंडल-आवाहन अनुष्ठान को ब्रह्मांडीय शक्ति से जोड़ता है, जिससे ध्वजारोहण जैसे महा-अनुष्ठान की आध्यात्मिक सिद्धि सुनिश्चित होती है। यजमान राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, ट्रस्टी कृष्ण मोहन, राज परिवार के सदस्य शैलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, प्रो. अजय प्रताप सिंह, डॉ. चंद्रगोपाल पांडेय सहित अन्य यजमानों ने पूजन किया। विजय लक्ष्मी सिंह, उत्कर्ष सिंह और सोनम सिंह ने भी शनिवार को पूजन में हिस्सा लिया। मुख्य आचार्य चंद्रभान शर्मा, उपाचार्य रविंद्र पैठणे, यज्ञ के ब्रह्मा व आचार्य पंकज शर्मा ने पूजन संपन्न कराया।
विज्ञापन

पूजन प्रक्रिया के चरण
योगिनी पूजन : अनुष्ठान की शुचिता और सिद्धि के लिए 64 योगिनी शक्तियों का आवाहन कर पूजा की गई।

क्षेत्रपाल पूजन : अयोध्या क्षेत्र की स्थायी शक्तियों से रक्षा और मंगल की प्रार्थना स्वरूप क्षेत्रपाल देवता का पूजन हुआ।

वास्तु पूजन : मंदिर परिसर में धर्मध्वज की स्थापना और अनुष्ठान की अविरलता के लिए वास्तु देव का आह्वान किया गया।

नवग्रह पूजन : सूर्य से केतु तक सभी ग्रहों के सौम्य और अनुकूल प्रभाव की कामना के लिए विस्तृत नवग्रह अनुष्ठान संपन्न हुआ।

07- यज्ञ मंडप में पूजन के लिए की गई रामभद्र मंडल की स्थापना - ट्रस्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें