अयोध्या। अयोध्या एयरपोर्ट से अभी देश के चुनिंदा शहरों के लिए ही उड़ानें हैं, लेकिन आने वाले दिनों में यह दायरा बड़ा होने वाला है। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के फेज-2 में रनवे को 2245 मीटर से बढ़ाकर 3750 मीटर किया जाएगा। इसके बाद बड़े वाइड-बॉडी विमानों के संचालन की सुविधा मिलेगी और दुबई, सिंगापुर, सऊदी अरब सहित अन्य देशों के लिए सीधी उड़ान होगी।
फेज-2 पर करीब 1625 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसे करीब 28 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। मौजूदा रनवे पर ए-321 श्रेणी के विमानों का संचालन हो रहा है। विस्तार के बाद बोइंग-777 और एयरबस-350 जैसे बड़े विमानों के संचालन के लिए रनवे सक्षम होगा।
हालांकि किसी देश या शहर के लिए नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ान कब शुरू होगी, यह एयरलाइनों की योजना और जरूरी मंजूरियों के बाद ही तय होगा। एयरपोर्ट निदेशक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि फेज-2 के लिए अभी एएआई से मंजूरी मिलना बाकी है। इसके बाद निर्माण पूरा होने पर एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने की संभावना है। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया और औपचारिकता भी पूरी की जाएंगी।
नया टर्मिनल आठ गुना बड़ा होगा
एयरपोर्ट के पहले चरण में 6500 वर्गमीटर का टर्मिनल बनाया गया था। इसकी सालाना यात्री क्षमता करीब 10 लाख है। फेज-2 में करीब 50 हजार वर्गमीटर का नया टर्मिनल तैयार किया जाएगा। सालाना 60 लाख यात्रियों को संभालने की व्यवस्था की जाएगी। विमानों की पार्किंग के लिए मौजूदा स्टैंड के मुकाबले 18 बे बनाई जाएंगी। रनवे के साथ समानांतर टैक्सी ट्रैक और दूसरी एयरसाइड सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
अभी पांच शहरों तक सीमित है उड़ान
फिलहाल अयोध्या से दिल्ली, मुंबई, बंगलुरू, अहमदाबाद और हैदराबाद जैसे शहरों के लिए उड़ानें संचालित हो रही हैं। राम मंदिर के बाद अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। मौजूदा दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों से श्रद्धालु वाया दिल्ली, मुंबई या लखनऊ होते हुए अयोध्या पहुंच रहे है।