अयोध्या। मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के नाम पर छात्र और अभिभावकों में भय फैलाया जा रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया पर कॉलेज का फर्जी ग्रुप बनाकर रैगिंग की सूचना प्रसारित की गई। इसकी जानकारी मिलते ही कॉलेज प्रशासन केे कान खड़े हो गए। कॉलेज ने जांच कराई तो मामला झूठा निकला। प्राचार्य ने अफवाह फैलाने वाले के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को पत्र दिया है।
मेडिकल कॉलेज गंजा स्थित ब्वॉयज हॉस्टल में छह अक्तूबर को अफवाहों का बाजार गरम हो गया। 2025 बैच के विद्यार्थियों के अभिभावकों का मोबाइल नंबर जोड़कर व्हाट्सअप पर एक ग्रुप बनाया गया, जिसका नाम ''''आरडीएमसी एंटी रैगिंग'''' रखा गया। इसमें राज नामक एक आईडी से रैगिंग को लेकर संदेश प्रसारित किया गया।
लिखा गया कि ''''सूचित करना चाहता हूं कि हमारे हॉस्टल में गंभीर घटना हुई है। हॉस्टल के सभी कैमरों के वायर काट दिए गए हैं। कल रात सीनियर्स ने कुछ छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार किया और उन्हें रात लगभग दो बजे तक मुर्गा बनाकर रैगिंग की। यह स्थिति चिंताजनक है।'''' यह संदेश देखकर कई छात्रों के अभिभावक भयभीत होकर वार्डन और कॉलेज प्रशासन को फोन करने लगे।
मामले की गंभीरता देखते हुए वार्डन ने 2025 बैच के छात्रों से पूछताछ की और हॉस्टल का राउंड लिया तो आरोप निराधार साबित हुए। किसी छात्र ने भी घटना की पुष्टि नहीं की। छात्रों के अभिभावकों ने बताया कि किसी व्यक्ति ने उन्हें ग्रुप में जोड़ने के लिए संदेश भेजा था। प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने बताया कि कुछ लोग कॉलेज परिसर में अशांति फैलाकर माहौल खराब करना चाहते हैं। इसीलिए ऐसा दुष्प्रचार किया जा रहा है। मामले की जांच के लिए पुलिस और साइबर सेल को शिकायती पत्र दिया गया है।