अयोध्या। कांग्रेस में गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। नवनियुक्त व भूतपूर्व जिलाध्यक्ष एक मामले को लेकर आमने-सामने हैं। ऑफिस के कमरे में ताला लगाने का विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। इस विवाद को हवा देने का काम एक वायरल पत्र ने भी किया है। हालांकि इस पत्र को कांग्रेस के नेता सही नहीं ठहरा रहे हैं और इसको लेकर कोई कुछ बोलने को भी नहीं तैयार है। शुक्रवार को पार्टी कार्यालय पर हुए विवाद के बाद कांग्रेस के प्रदेश अजय राय को पत्र भेजा गया है।
पत्र में नवनियुक्त अध्यक्ष के सम्मान की रक्षा करने की अपील करते हुए प्रदेश अध्यक्ष पर पूर्व जिला अध्यक्ष अखिलेश यादव को शह देने का भी आरोप लगाया गया है। वर्तमान व पूर्व जिलाध्यक्ष के बीच शुक्रवार को विवाद हो गया था। मामले ने तब तूल पकड़ा जब रिकाबगंज स्थित कांग्रेस कार्यालय कमला नेहरू भवन के जिला अध्यक्ष कार्यालय में पूर्व जिला अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ताला लगा दिया। अखिलेश यादव के ताला लगाने के बाद वर्तमान अध्यक्ष चेत नारायण सिंह ने भी उसी में दूसरा ताला लगा दिया।
पूर्व अध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि कांग्रेस कार्यालय के प्रथम तल को उन्होंने जिलाध्यक्ष बनने के बाद कब्जे से मुक्त कराया था, जिस पर दशकों से अवैध कब्जा था। यही नहीं उन्होंने प्रथम तल की मरम्मत भी कराई, एसी लगवाया। आरोप लगाया कि कांग्रेस के एक बड़े नेता मामले को हवा देने का काम कर रहे हैं, बाकी कहीं कुछ नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष उन्हें सोमवार को उन्हें बुलाया है। वहीं वर्तमान जिलाध्यक्ष चेत नारायण सिंह का कहना है कि पद गंवाने के बाद पूर्व जिलाध्यक्ष अपनी खीझ मिटा रहे हैं। बाकी कोई बात नहीं है। संगठन से ऊपर कोई नहीं। वायरल पत्र को लेकर उन्होंने कुछ कहने से मना किया।