अयोध्या। शुक्ल मंदिर स्वर्गद्वार की संपत्तियों को लेकर चल रहे विवाद में कोतवाली अयोध्या ने पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। महंत सियाराम दास की तहरीर पर पुलिस ने फर्जी और कूटरचित सर्वराकार डीड तैयार कराने, धोखाधड़ी और षड्यंत्र के आरोप में कार्रवाई शुरू कर दी है।
महंत सियाराम दास ने आरोप लगाया है कि उनके गुरु स्व. महंत राम प्रकाश दास ने वर्ष 1991 में महंत रामशंकर दास और महंत सरजूदास के पक्ष में सर्वराकार डीड की थी। बाद में महंत सरजूदास पर मंदिर की संपत्तियों के दुरुपयोग और बिक्री के आरोप लगने पर वर्ष 1995 में उक्त डीड निरस्त कर दी गई थी। इसके बाद वर्ष 1996 में महंत राम प्रकाश दास ने सियाराम दास के पक्ष में वसीयत कर उन्हें संपत्तियों की देखरेख का अधिकार दिया।
तहरीर के अनुसार, जनवरी 2025 में जेल से बाहर आने के बाद महंत सरजूदास ने कथित रूप से फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेजों के सहारे मंदिर की संपत्ति से संबंधित गाटा संख्या 6क एवं 50ज की सर्वराकार डीड 12 मार्च को महंत राम प्रवेश दास के पक्ष में करा दी। आरोप है कि इस कार्य में महंत हरिदास, हैप्पी कुमार तथा सरजूदास के भांजे डॉ. देवेंद्र दीक्षित उर्फ अंदू ने भी भूमिका निभाई। महंत सियाराम दास ने यह भी दावा किया कि लखनऊ की सिविल कोर्ट में पूर्व में हुए समझौते में सरजूदास ने मंदिर की संपत्तियों पर अपना कोई अधिकार न होने की बात स्वीकार की थी। इसके बावजूद फर्जी दस्तावेज तैयार कर संपत्ति हड़पने का प्रयास किया गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।