अयोध्या। सात साल पहले घर में घुसकर अकेली किशोरी के साथ चाकू दिखा कर दुष्कर्म करने के दोष सिद्ध अभियुक्त छत्रपाल को 19 साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया गया है। साथ ही 30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं आयुध अधिनियम में तीन साल के कठोर कारावास के साथ-साथ पांच हजार रुपये जुर्माना से भी दंडित किया गया है।
यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश / एफटीसी प्रथम प्रदीप कुमार सिंह ने अभियुक्त को जेल से तलब कर भरी अदालत में बुधवार को सुनाया।
घटना थाना गोसाईगंज क्षेत्र की सात साल पहले की है। 21 वर्षीय किशोरी के पिता मजदूरी करने गए थे। उसकी माता भी खेत से चारा लेने गई थी। घर पर वह अकेली थी। दिन के 11 बजे छत्रपाल घर पर आकर जोर जबरदस्ती करने लगा और चाकू दिखाकर गलत काम किया। पीड़िता की तहरीर पर 25 जुलाई 2017 को थाना गोसाईगंज में आरोपी छत्रपाल पुत्र राम गरीब निवासी बेरा गांव के विरुद्ध दुष्कर्म सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ।
अभियोजन पक्ष से न्यायालय में 8 गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने दोष सिद्ध अभियुक्त छत्रपाल को दुष्कर्म के अपराध में 12 साल के कठोर कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माना, घर में घुसकर अपराध करने के मामले में चार साल के कठोर कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना और जान से मारने की धमकी के मामले में तीन साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है। वहीं आयुध अधिनियम में तीन साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।