अयोध्या। वासंतिक नवरात्र का शुभारंभ बृहस्पतिवार से हो रहा है। 19 मार्च से 27 मार्च तक रहने वाला वासंतिक नवरात्र (चैत्र नवरात्र) शुभ ग्रहों के योग के चलते महत्वपूर्ण है। मीन लग्न में चतुर्ग्रही योग बनने और शुक्र के अपनी उच्च राशि में होने के कारण यह विशेष फलदायी हो रहा है। नवरात्र को लेकर शहर के देवी मंदिर सज गए हैं, नौ दिनों तक रामनगरी शक्ति उपासना में लीन रहेगी। राम मंदिर में भी वासंतिक नवरात्र पर अनुष्ठान शुरू होगा। राम मंदिर में नौ दिन तक शक्ति उपासना होगी। रामलला के गर्भगृह में कलश स्थापना की जाएगी, जबकि परकोटा स्थित दुर्गा मंदिर में भी कलश स्थापना के अनुष्ठान का शुभारंभ होगा।
रोजाना देवी मंत्रों का जाप, दुर्गा सप्तशती का पाठ सहित अन्य अनुष्ठान होंगे। आचार्य प्रवीण शर्मा ने बताया कि इस वर्ष 19 मार्च दिन बृहस्पतिवार को वासंतिक नवरात्र ग्रह नक्षत्रों के विशेष संचरण के कारण शुभ फलदायी होगा। नवरात्र नौ दिनों का होगा और इन नौ दिनों में कई शुभ संयोग बनेंगे। 20 को सर्वार्थ अमृत सिद्ध योग, 21 को शनि रिक्ता समायोग, 22 को रवि योग, 23 को सर्वार्थ सिद्धि योग, 24 को द्विपुष्कर योग, 25 को बुधे भद्रा सिद्ध योग, 26 और 27 मार्च को सर्वार्थ सिद्ध योग प्राप्त होगा। 25 से 27 मार्च के मध्य मिथुन राशि में चंद्रमा और गुरु की युति के कारण गजकेसरी योग का निर्माण हो रहा है, जो मां के पूजन के लिए विशेष फलदायी होगा।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
- आचार्य प्रवीण के अनुसार इस साल चैत्र नवरात्र पर घटस्थापना के लिए दो शुभ मुहू्र्त रहने वाले हैं। पहला शुभ मुहूर्त 19 मार्च को सुबह 06:52 बजे से लेकर सुबह 07:43 बजे तक रहेगा। इसके अलावा दोपहर को अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थापना कर सकते हैं। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 बजे से लेकर दोपहर 12:53 बजे तक रहेगा।