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Ayodhya News: महाकुंभ की आस्था से सराबोर हुई रामनगरी

Wed, 05 Feb 2025 07:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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अयोध्या। प्रयागराज महाकुंभ से निकली आस्था की धारा में अयोध्या भी डुबकी लगा रही है। प्रयागराज, काशी व अयोध्या के धार्मिक त्रिकोण ने रामनगरी में श्रद्धालुओं की संख्या का नया कीर्तिमान रच दिया है। अयोध्या वासियों का कहना है कि ऐसा मेला कई दशकों तक नहीं देखा जब एक पखवाड़े से अधिक समय तक अयोध्या में एक करोड़ की भीड़ डटी रही हो। श्रद्धालुओं की भीड़ ने रामनवमी, सावन व कार्तिक मेले का रिकाॅर्ड तोड़ दिया है। इन मेलों में 20 से 25 लाख श्रद्धालु ही अयोध्या पहुंचते रहे हैं।
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वसंत पंचमी के तीसरे दिन भी रामनगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। दो लाख श्रद्धालुओं ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई तो वहीं हनुमानगढ़ी में करीब तीन लाख श्रद्धालु पहुंचे हैंं। सरयू तट भी श्रद्धालुओं से गुलजार रहा। रामनगरी में पिछले एक पखवाड़ से रोजाना आठ से दस लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। मौनी अमावस्या के एक-दो दिन पहले व बाद तक श्रद्धालुओं की संख्या 15 से 20 लाख तक पहुंच गई थी। रामनगरी में इससे पहले इतने लंबे समय तक श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं रही। कार्तिक, रामनवमी व सावन मेले में एक सप्ताह तक श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। इन मेलों में 20 से 25 लाख श्रद्धालु आते हैं, लेकिन कुंभ मेले ने नए कीर्तिमान रच दिए हैं। भीड़ के साथ अयोध्या की अर्थव्यवस्था में छलांग का भी रिकॉर्ड बना है।
भीड़ अब पहले की तुलना में कम हो रही है, लेकिन बंदिशें अभी बरकरार हैं। टेढ़ी बाजार से किसी भी प्रकार के वाहन को रामपथ पर नहीं भेजा जा रहा है। श्रद्धालुओं टेढ़ी बाजार से राम जन्मभूमि के पीछे की ओर भेजे जा रहे हैं। श्रीराम अस्पताल से लता चौक के बीच की कई बैरिकेडिंग ने अयोध्या को दो हिस्सों में बांट दिया है। पूरब से पश्चिम या पश्चिम से पूरब जाना संभव नहीं है। वहीं बुधवार की दोपहर मातगैड़ चौराहे से भी वाहनों को डायवर्ट किया गया। छोटी देवकाली के पास रहने वाले आशीष पांडेय ने बताया कि उनका बच्चा बीमार था, लेकिन वे श्रीराम अस्पताल तक नहीं पहुंच सके। मजबूर होकर प्राइवेट चिकित्सक को दिखाना पड़ा।
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महंत विवेक आचारी ने कहा कि अयोध्या में श्रद्धालुओं की भीड़ से अर्थव्यवस्था को फायदा होगा, लेकिन इसका एक पहलू और भी है जो अयोध्या वासिसों के लिए चिंता का सबब बन गया है। बैरिकेडिंग कर अयोध्या को दो भागों में बांट दिया गया है। अयोध्या में भीड़ कम हो रही है। इसलिए बंदिशों को कम किया जाना चाहिए।

राजा महाराज ने कहा कि अयोध्या में इस तरह की भीड़ कम से कम पांच दशकों में तो नहीं हुई। मंदिर निर्माण के बाद हुए महाकुंभ से यह बदलाव आया है। अयोध्या में रोजगार बढ़ा है, अर्थतंत्र चमका है, लेकिन भीड़ नियंत्रण के नाम पर की गई व्यवस्थाओं ने लोगों को परेशान किया है।
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