अयोध्या। एक हजार करोड़ से बने भव्य महल में रामलला को गर्मी सता रही है। तापमान दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। दिन का तापमान 35 से 37 डिग्री तक पहुंच रहा है। गर्भगृह में रामलला को गर्मी से बचाने के उपाय अब तक नहीं किए जा सके हैं। अस्थायी मंदिर में जहां रामलला एसी में रह रहे थे, वहीं भव्य गर्भगृह में एसी तो दूर, अभी तक पंखा तक उपलब्ध नहीं कराया जा सका है।
बताते चलें कि राममंदिर ट्रस्ट को हर माह डेढ़ से दो करोड़ का दान मिल रहा है। ट्रस्ट की ओर से दावा किया जाता है कि रामलला के ठाठ-बाट में कहीं कोई कमी नहीं है। उनकी पूजा-सेवा एक राजकुमार की तरह की जाती है। बावजूद इसके गर्मी बढ़ने के बाद भी अब तक गर्भगृह में पंखा तक नहीं लगाया गया है। साथ ही रामलला की राग-भोग व सेवा करने वाले पुजारी भी तपिश झेल रहे हैं।
रामलला के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास बताते हैं कि अस्थायी मंदिर में रामलला के लिए कूलर व एसी दोनों लगे थे। नए मंदिर में अभी तक पंखे तक की व्यवस्था नहीं हो सकी है। ट्रस्ट की ओर से रंगमंडप व गुढ़ी मंडप में पंखे लगवाए जा चुके हैं। मंदिर की सीढि़यों के सामने दर्शनपथ पर भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पंखे लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि गर्भगृह में पंखे व एसी लगाने में कुछ तकनीकी बाधाएं थीं, जिन्हें अब दूर कर दिया गया है। एक-दो दिन में गर्भगृह मे पंखा व एसी लग जाएगा।