अयोध्या। धर्मनगरी अयोध्या में भक्ति और श्रद्धा के वातावरण के बीच भव्य कलश यात्रा के साथ रामकथा का शुभारंभ हुआ। जानकी घाट से निकली कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर जय श्रीराम के उद्घोष के साथ सहभागिता की।
रामकथा का उद्घाटन मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कथा में नेपाल के कांठमांडू से भी श्रद्धालु पहुंचे हैं। कथा प्रचाचक मोहित शरण ने कहा कि रामकथा मानव जीवन को धर्म, मर्यादा और संस्कारों से जोड़ने का माध्यम है। भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, तपस्या, प्रेम और आदर्शों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति रामकथा का श्रवण करता है, उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और मन को शांति प्राप्त होती है। कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन और जयघोष से पूरा परिसर राममय हो उठा। इस दौरान समाजसेवी राधेश्याम वर्मा, विकास श्रीवास्तव, राजीव कामरा मुंबई, कांठमांडू के राजेंद्र अग्रवाल, रामास्वामी वेंकटेश हैदराबाद सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।