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Ayodhya News: राम मंदिर में पहली बार मनाई गई रामानंदाचार्य की जयंती

Sat, 10 Jan 2026 08:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में शनिवार को ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। पहली बार श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में जगदगुरु रामानंदाचार्य की जयंती श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाई गई। इस अवसर पर रामानंदाचार्य की सुसज्जित झांकी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में साधु-संतों, रामानंदीय परंपरा के अनुयायियों और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों ने सहभागिता की।
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झांकी के साथ श्रद्धालुओं ने रामकोट की परिक्रमा की। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया। राम मंदिर के जगद्गुरु रामानंदाचार्य द्वार पर विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। राम मंदिर के ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्र ने कहा कि आज जब देश हीनता-उत्कृष्टता और जातीय द्वंद में उलझा है, ऐसे में जगद्गुरु रामानंदाचार्य का जीवन, उनका उपदेश और उनका लोकोत्तर आचार्यत्व बहुत प्रासंगिक है। उन्होंने श्रीरामानंद स्वामी के द्वादश प्रधान शिष्यों का भी उल्लेख किया। उल्लेखनीय है कि भिन्न-भिन्न पारिवारिक-सामाजिक पृष्ठभूमि से आने वाले इन शिष्यों को स्वामी जी को न केवल अंगीकार किया बल्कि उन्हें प्रकाश स्तंभ बना कर स्थापित कर दिया। इनमें सगुण के साथ ही निर्गुण उपासना में निष्ठा रखने वाले कबीर दास जी थे।
हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेश दास ने कहा कि रामानंदाचार्य ने हिंदू समुदाय को एकता के सूत्र में पिरोने का अविस्मरणीय कार्य किया है। उन्होंने समाज के हर वर्ग को भक्ति के मार्ग से जोड़ा। डॉ. चंद्रगोपाल पांडेय ने कहा कि राम मंदिर में जयंती का आयोजन उनकी परंपरा और विचारधारा को सजीव रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। झांकी में नरेंद्र, सोमेश, रामकुमार राय, सुशील जायसवाल, आरपी पांडेय, शेष मिश्र समेत सैकड़ों राम भक्त शामिल हुए।
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मणिराम दास छावनी से निकली भव्य शोभायात्रा
जगद्गुरु रामानंदाचार्य की जयंती पर रामनगरी में विभिन्न अनुष्ठान हुए। इस अवसर पर मणिरामदास की छावनी से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने शोभायात्रा में शामिल स्वरूपों का पूजन किया। यात्रा की अगुवाई कर रहे मंदिर के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने कहा कि जगद्गुरु रामानंदाचार्य का संपूर्ण जीवन समाज, राष्ट्र और धर्म के उत्थान के लिए समर्पित रहा। यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। यात्रा में पुनीत रामदास, जानकी दास, शरद शर्मा, विनय शुक्ला सहित अन्य शामिल रहे।
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